देश की सड़के जैसे-जैसे बदल रही हैं, वैसे ही थोड़े-थोड़े किलोमीटर पर टोल टैक्स भी आपको मिल जाएंगे। टोल का किराया अब हर जगह ही काफी बढ़ गया है। बता दें कि एक्सप्रेसवे या राजमार्ग का इस्तेमाल करने को आपसे से पैसे लिए जाते हैं। चूंकि एक्सप्रेसवे के निर्माण में जो भी खर्च आता है, यह उसकी भरपाई होती है। आइये जानते है इसकी पूरी जानकारी।

अब मध्य प्रदेश के लोगों व वहां जाने वालों के मजे आने वाले हैं। बता दें कि यहां अब प्राइवेट वाहनों का टोल नहीं लगेगा। केवल कमर्शियल वाहन ही टोल देंगे।एमपीआरडीसी (Madhya Pradesh Road Development Corporation Limited) के डीएम एमएच रिजवी ने बताया कि पहले सभी चार पहिया वाहनों से टोल वसूलने का निर्णय लिया गया था। लेकिन सरकार के आदेश पर अब कमर्शियल वाहनों से ही टोल टैक्स वसूला जाएगा।

पिछले महीने कैबिनेट की बैठक में इस रूट पर कार, जीप और यात्री बसों समेत निजी वाहनों को टोल टैक्स में राहत देने का फैसला किया गया था। जिसके बाद नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

बताया जा रहा है कि अगले माह तक टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद उक्त मार्ग पर बने तीनों टोल ब्लॉक शुरू हो जाएंगे। उल्लेखनीय है कि एमपीआरडीसी ने तीन माह पूर्व उक्त सड़क पर डामर का कार्य करवाया है। इसकी राशि वसूल करने के लिए टोल वसूलने का निर्णय लिया गया है।

इन्हें टोल टैक्स नहीं देना होगा

वहीं आपको बता दें कि सरकार की ओर से कुछ कैटेगरी भी बनाई गई हैं। इसमें शामिल लोगों को टोल टैक्स का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है। पहले 9 लोगों को इन श्रेणियों में शामिल किया गया था, जबकि अब इसे बढ़ाकर 25 कर दिया गया है। इनमें सरकारी कर्मचारियों से लेकर शव ले जाने वाले वाहन शामिल हैं, जिन पर टोल टैक्स नहीं देना पड़ता है।

राज्य के 17 मार्गों पर भारत सरकार और मध्य प्रदेश सरकार के सभी वाहन, जो आधिकारिक ड्यूटी पर हैं, संसद और विधान सभा के पूर्व और वर्तमान सदस्यों के गैर-व्यावसायिक वाहन, ऐसे सभी वाहन जो ड्यूटी पर हैं।

भारतीय सेना, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, भारतीय डाक और टेलीग्राफ विभाग के वाहन, कृषि उद्देश्यों के लिए उपयोग की जाने वाली ट्रैक्टर ट्रॉली, ऑटो रिक्शा, दो पहिया वाहन, बैलगाड़ी, स्वतंत्रता सेनानी और मान्यता प्राप्त पत्रकार और इसके अलावा यात्री वाहन जैसे बस, कार, जीप आदि को टोल से छूट दी जायेगी।

इन 25 कैटेगरी से हो आप तो नहीं लगेगा

  • राष्ट्रपति
  • उपाध्यक्ष
  • प्रधानमंत्री
  • मंत्रियों
  • सांसद मंत्री
  • न्यायाधीश-मजिस्ट्रेट
  • वरिष्ठ अधिकारी
  • डिफेंस पुलिस
  • फायर फाइटिंग की गाड़ी
  • एंबुलेंस
  • मजिस्ट्रेट सचिव
  • विभिन्न मंत्रालयों के अधिकारी
  • विभिन्न विभागों के सचिव
  • चयनित राज्य और केंद्र सरकार के अधिकारी
  • राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी। इनके अलावा वे लोग भी शामिल हो सकते हैं जिन्हें राज्य सरकारों द्वारा छूट दी गई है।