Riyadh: सऊदी अरब (Saudi Arabia) ने 15 अक्‍टूबर को एक फैसला किया है जो रूस Russia को नाराज कर सकता है। कुछ ही दिनों पहले रूस से हाथ मिलाकर अमेरिका America को परेशान करने वाले सऊदी ने रूस-यूक्रेन जंग Russia- Ukraine war के बीच ही यूक्रेन Ukraine को 400 मिलियन डॉलर की मदद देने का मन बना लिया है। न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स की ए‍क रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी गई है। इस रिपोर्ट की मानें तो सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्‍मद बिन सलमान (MBS) ने यूक्रेन के राष्‍ट्रपति व्‍लोदिमीर जेलेंस्‍की से फोन पर बात की। शुक्रवार को फोन कॉल में उन्‍होंने यूक्रेन को मानव संकट से बचाने के लिए मदद की पेशकश की है। सऊदी प्रेस एजेंसी की तरफ से इसकी जानकारी दी गई है। जेलेंस्‍की ने भी इस बाबत ट्वीट कर बताया।

जेलेंस्‍की बोले थैंक्‍यू

जेलेंस्‍की ने आर्थिक मदद का जिक्र तो किया लेकिन अपनी ट्वीट में उस रकम का खुलासा नहीं किया जो सऊदी अरब की तरफ से मिलेगी। दोनों के बीच यूक्रेन के युद्ध बंदियों से लेकर कई और मसलों पर चर्चा हुई है। सितंबर में रूस और यूक्रेन के बीच कैदियों की रिहाई हुई थी और इसमें एमबीएस ने एक बड़ा रोल अदा किया था। उस दौरान कुछ कैदियों को सऊदी अरब भी भेजा गया था। जेलेंस्‍की ने यूनाइटेड नेशंस में यूक्रेन के पक्ष में वोट करने के लिए क्राउन प्रिंस का शुक्रिया अदा किया।

रूस के साथ डील

सऊदी अरब ओपेक प्‍लस का सदस्‍य हैं और पिछले दिनों ही उसने तेल के उत्‍पादन में कटौती का ऐलान किया है। इस फैसले ने अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडेन को खासा निराश कर दिया है। टॉप अमेरिकी सांसदों ने इसके बाद बाइडेन प्रशासन से मांग की कि सऊदी के साथ रिश्‍तों को फिर सुधारा जाए। अमेरिका का कहना है कि तेल की कीमतों में इजाफा रूस को प्रोत्‍साहित करेगा और दुनिया की उन कोशिशों को कमजोर करेगा जो रूस को अलग-थलग करने से जुड़ी हैं।

बाइडेन ने दी चेतावनी

सऊदी अरब, रूस और ओपेक प्‍लस के दूसरे सदस्‍यों ने अमेरिका और यूरोप की तरफ से किए जा रहे उन सभी प्रयासों को विफल कर दिया जो पुतिन के कच्‍चे तेल की बिक्री में बाधा डालने वाले थे। बाइडेन की तरफ से चेतावनी दी गई कि सऊदी और रूस की इस डील के बुरे नतीजे देखने को मिलेंगे। पांच अक्‍टूबर को इस डील का ऐलान हुआ था। अमेरिका की तरफ से भी इसके बाद सऊदी अरब को आने वाले दिनों में हथियारों की बिक्री न करने की धमकी दी गई थी।