देश में ठगों का एक ऐसा भी गिरोह है जो ओएलएक्स पर लोगों के साथ ठगी कर रहा है. ठगी का तरीका भी ऐसा कि पुलिस वाले भी हंसते-हंसते इनका शिकार बन रहे हैं.

वैसे तो ओएलएक्स कोई भी सामान खरीदने और बेचने के लिए है. लेकिन देश में ठगों का ऐसा एक गिरोह भी है जो ओएलएक्स पर लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रहा है. ठगी का तरीका भी ऐसा कि पुलिस वाले भी हंसते-हंसते इनका शिकार बन रहे हैं.

मजे की बात ये है कि ये गिरोह आए दिन किसी न किसी को अपना शिकार बनाता है. उसकी खबर भी लोग अखबार और मोबाइल पर पढ़ते हैं. बावजूद इसके इस गिरोह का शिकार बनते हैं. ये गिरोह हरियाणा और यूपी में टटलू के नाम से जाने जाते हैं.

अभी कुछ दिन पहले यूपी पुलिस के एक सिपाही ने पुरानी कार खरीदने के लिए ओएलएक्स पर सर्च किया. इसी दौरान सिपाही की नज़र एक कार पर पड़ी. तस्वीर में दिख रही कार की अच्छी कंडीशन और कम रेट को देखते हुए पीड़ित सिपाही ने तुरंत ही दिए गए मोबाइल नंबर पर डायल कर दिया.

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सिपाही के अनुसार सामने वाले ने अपने आपको फौजी बताया. कहा कि मेरा ट्रांसफर हो रहा है इसलिए मुझे ये कार बेचनी पड़ रही है. सिपाही झांसे में आ गया. ऐसा माना जाता है कि फौजी अफसर, डॉक्टर आदि की कार खरीदना ज्यादा फायदेमंद रहता है, क्योंकि ये लोग उसे कम चलाते हैं और उसे मेंटेन करके रखते हैं. ठगों का ये गिरोह इसी बात का फायदा उठाता था.

2.5 लाख रुपये में कार का सौदा हो गया. सिपाही ने तुरंत ही ठगों के कहने पर एडवांस 77 सौ रुपये पेटीएम कर दिए. ठग ने कहा कि हम आपको कार ट्रक से भेज रहे हैं. 15 मिनट बाद एक अनजान नंबर से कॉल आई कि मैं ट्रक के साथ कार लेकर आ रहा हूं. आप कुछ रुपये खाते में डाल दें. सिपाही ने फिर से 37 हजार रुपये पेटीएम कर दिए. उसके बाद फिर दो बार में 96 हजार रुपये जमा करा लिए.

लेकिन शाम तक ट्रक कार लेकर आगरा नहीं पहुंचा. इस पर सिपाही को शक हुआ तो उसने सभी नंबर पर फोन लगाया. लेकिन वो बंद जा रहे थे. सिपाही समझ गया कि उसके साथ ठगी हुई है. सिपाही ने इसकी एफआईआर दर्ज करा दी है.

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भूलकर भी न करें ये काम

आनलाइन साइट्स पर दिखाए गए फोटो पर भरोसा न करें.

बिना मौके पर जाए सामान का सौदा न करें.

कभी भी एडवांस में किसी सामान का पेमेंट न करें.

घर पर सामान आने तक उसका पूरा पेमेंट न करें.

अच्छे सामान और सस्ते दाम के लालच में न आएं.

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