भारत एक ऐसा देश है जहां भांति भांति के लोग रहते है। इसी के साथ इसदेश में हिन्दू और मुस्लिमों को लेकर टकराव भी होता रहता है लेकिन एक कहाबत पश्चिम बंगाल से आई है जो इन सभी बातों को गलत साबित करने का एक बेहद अच्छा उदहारण है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में स्थानीय मस्जिद के मौलवी ने एक रात देवी काली को समर्पित एक मंदिर का उद्घाटन किया जब राज्य काली पूजा देख रहा था। इसी के साथ मंडल ने कहा, “मैंने मस्जिदों और मदरसों का उद्घाटन किया है। लेकिन यह पहली बार है जब मैंने किसी हिंदू मंदिर का उद्घाटन किया है। यह पूरी तरह से एक अलग एहसास है।”

वहीं आपको बता दें कि , मौलवी के इस कदम की काफी सराहना की जा रही है। राज्य की राजधानी कोलकाता से लगभग 160 किलोमीटर दूर नानूर क्षेत्र के बसापारा में सांप्रदायिक सौहार्द का यह प्रदर्शन हुआ। लोगों ने इसे दोनों के बीच प्रेम का प्रतीक बताया।

बसापुरा में मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने गांव की सड़क को चौड़ा करने के लिए दो साल पहले ध्वस्त किए गए काली मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए भी पैसा जुटाया। उन्होंने मंदिर को स्थानांतरित करने के लिए जमीन भी खरीदी।

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