हम में से कुछ लोग से’क्स करना तो चाहते हैं पर से’क्सुअली एक्टिव नहीं हैं क्योंकि उन्हें से’क्स की जानकारी नहीं है और जानकारी कहां से हासिल करें ये भी पता नहीं है। और कुछ लोग ऐसे हैं जो सेक्स में शामिल तो हैं लेकिन फिर भी से’क्स के बारे में काफी कंफ्यूज्ड हैं। क्या ये सुरक्षित है? क्या ये नॉर्मल है? क्या ये सही है? आखिर इसका मतलब क्या है? ये कुछ ऐसे सवाल हैं जो हमें कभी ना कभी परेशान ज़रूर करते हैं। इसलिए हम आपके लिए लाए हैं से’क्स के बारे में कुछ ऐसे सवाल जिनका जवाब सभी जानना चाहते हैं! तो आप यहां जानें से’क्स से जुड़े अपने सभी सवालों के जवाब –

1. आखिर ये “Bases” क्या होते हैं?

ये सारा अमेरीकन टीवी और फिल्मों का कसूर है। जब हमारे यहां बेसबॉल ही नहीं खेलते है तो हमें इसका मतलब कैसे पता होगा? इनके बारे में जानना और तीसरा बेस यानि यौ’नांगों का कॉन्टेक्ट होना। होम रन का अर्थ होता है इंटरकोर्स होना।  

2. क्या ओरल से’क्स भी सेक्स करना ही होता है?

जी हां, ओरल से’क्स भी से’क्स ही होता है। ये अंतरंग होता है और इसमें भी शरीर के फ्लूड्स का आदान- प्रदान होता है। तो ये से’क्स ही हुआ ना।  

3. बिना कं’डोम के से’क्स करना कब सुरक्षित होता है?

कभी नहीं! कम से कम तब तक तो नहीं जब तक आप कमिटेड रिले’शनशिप (एक ही पार्टनर के साथ) में ना हों और आप व आपके पार्टनर दोनों ने हाल ही में अपना टेस्ट करवाया हो और आप दोनों एकदम हेल्दी हों। लेकिन अगर आप डॉक्टर की सलाह के अनुसार ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव पर नहीं हैं तो इसमें भी प्रेगनेंसी का रिस्क तो रहता ही है (लेकिन अगर आप बेबी के लिए ट्राय कर रही हैं तो बिना कं’डोम से’क्स करना ही ठीक रहेगा।)

4. क्या पहली बार इंटरकोर्स करने पर भी प्रे’गनेंट हो सकते हैं?

इसका छोटा सा जवाब है, हां। और लम्बा जवाब है, थोड़ा मुश्किल है। ये निर्भर करता है कि आप अपने साइकिल के किस फेज़ में हैं (फिर चाहे ये आपका पहली बार हो या सौवीं बार) और उस समय आप कितनी फर्टाइल हैं। लेकिन ये बहुत ही अनिश्चित चीज़ है, खासकर उन लेडीज़ के लिए जिनको अनियमित पी’रिएड्स की शिकायत रहती है। इसलिए छोटा जवाब ही बेहतर है। से’क्स की जानकारी के साथ- साथ आपको प्रोटेक्शन की जानकारी होना भी बेहद ज़रूरी है|

5. अगर पार्टनर क्लाइमेक्स से पहले विदड्रॉ कर ले तो क्या प्रे’गनेंसी रोकी जा सकती है?

यह से’क्स करने का एक तरीका है जो बहुत लोग अपनाते हैं, पर क्या ये सेफ है? यदि आपका पार्टनर क्ला’इमेक्स से पहले विदड्रॉ (स्पर्म रिलीज़ करने से पहले पेनिस निकाल लेना) कर लेता है तो प्रे’गनेंसी का खतरा बहुत हद तक कम हो जाता है, लेकिन ये फिर भी 100% सुरक्षित नहीं है। क्योंकि शुरूआत (ये तब रिलीज़ होता है जब पुरुष उत्तेजित होता है) में भी स्पर्म की थोड़ी बहुत मात्रा आती है। और लेडीज़ ज़रा ये सोचिए कि आपका पार्टनर अपनी ज़िन्दगी के सबसे पैशनेट लम्हों में अपने आप को कंट्रोल करे, क्या इस बात पर आप अनियोजित प्रे’गनेंसी का खतरा उठा सकती हैं? इसलिए सुरक्षित रहें और कंडोम यूज़ करके से’क्स करना ही ठीक है|

6. क्या पिल्स पर निर्भर रहना सुरक्षित है?

अगर ये आपके डॉक्टर की  सलाह पर आधारित है तो हां से’क्स करने का यह तरीका बिल्कुल सुरक्षित है। लेकिन ध्यान रखें कि आप अपने डॉक्टर को सही जानकारी और अपनी सही मेडिकल हिस्ट्री बताएं। ये भी बताएं कि आपका मासिक चक्र कितना नियमित है और आपको थायरॉइड, डायबिटीज या PCOD जैसी कोई बीमारी तो नहीं है। डॉक्टर से कुछ भी छुपाना आपकी सबसे बड़ी गलती और बेवकूफी होगी। आखिर आपकी सेहत और सुरक्षा अनमोल है।  डॉक्टर से सब क्लीयर करना ही से’क्स जानकारी की ओर पहला कदम है|

7. क्या मैं मॉर्निंग आफ्टर पिल ले सकती हूं?

सिर्फ तभी जब कोई इमरजेंसी हो जैसे कंडोम ब्रेक हो गया हो या किसी और वजह से आपने कोई प्रीकॉशन ही न लिया हो। इसे मॉर्निंग आफ्टर पिल जरूर कहते हैं लेकिन इसके नाम पर ना जाएं और इसे सिर्फ और सिर्फ इमरजेंसी में ही इस्तेमाल करें। दरअसल ये हॉर्मोन्स का डोज होता है जो आपकी ओवरी से एग के निकलने के समय को कुछ आगे बढ़ा देता है, जिससे वो स्पर्म द्वारा फर्टिलाइज़ नहीं हो पाते हैं। लेकिन आपके रेगुलर साइकिल में ऐसा ज़बरदस्ती का बदलाव आगे के लिए हेल्दी नहीं होता है और अगर ऐसा बार-बार किया जाए तो आपके शरीर में कई हार्मोनल प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। इसलिए इसे रेगुलर कॉन्ट्रासेप्टिव की तरह बिल्कुल यूज़ नहीं करना चाहिए। हमेशा ध्यान रखें कि इसे लेने की भी तय सीमा होती है। इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव आई-पिल भारत में सभी जगह आसानी से मिल जाती है, वैसे तो उसे अनप्रोटेक्टिव से’क्स करने के बाद 24 घंटों के अंदर ले लेना चाहिए, नहीं तो ज़्यादा से ज़्यादा 72 घंटों के अंदर तो लेना ही चाहिए- ताकि वो असर कर सके। लेकिन ध्यान रखें कि इसके साइड इफेक्ट भी होते हैं।

8. से’क्स के दौरान दर्द होना क्या सामान्य है?

हां भी और ना भी। बहुत सी लेडीज़ को से’क्स करने के दौरान कुछ असहज महसूस होता है। दर्द तभी होता है जब वेजाइना गीली नहीं होती है या आपको लेटेक्स से एलर्जी हो। ऐसे में वाटर-बेस्ड  लुब्रीकेंट का इस्तेमाल करें- ऑयल बेस्ड न प्रयोग करें, क्योंकि ये कंडोम को छेददार बना देता है जिससे उसके लीक या ब्रेक होने के आसार बढ़ जाते हैं। आप नॉन-लेटेक्स कं’डोम भी ट्राय करें। लेकिन अगर आप काफी समय से से’क्सुअली एक्टिव हैं और पर्याप्त लुब्रीकेशन के बाद भी दर्द रहता है तो आपको अपनी गाइनोकॉलोजिस्ट को तुरंत दिखाना चाहिए और अपने टेस्ट करवाने चाहिए। यूटीआई यानि यूरिन इन्फेक्शन और ईस्ट इन्फेक्शन भी जलन का कारण हो सकते हैं या फिर ये वैजाइना की किसी दूसरी प्रॉब्लम के संकेत हो सकते हैं।

9.क्या बिना इंटरकोर्स के भी एसटीडी हो सकती है?

दुर्भाग्यवश हां। आपको सिर्फ किस करने पर भी STD यानि सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिज़ीज़ हो सकती है और इसकी सबसे कॉमन बीमारी है हर्प्स – क्योंकि जिस इंसान को ये एक बार भी हुआ होता है, वो इसका वायरस पूरी ज़िन्दगी साथ लेकर चलता है और अगर आपके मुंह में कोई कट या खुला ज़ख्म है तो किस करते वक़्त ये वायरस थूक के ज़रिये आप में पहुंच जाएगा। हर्प्स, गनोरिया और क्लैमायडिया जैसी बीमारियां ओरल सेक्स करने से भी हो सकती हैं। बिना पेनीट्रेशन के जेनिटल कॉन्टेक्ट (जिसे कई लोग “ड्राय हंपिंग ” भी कहते हैं) से भी ये बीमारियां हो सकती हैं-  क्योंकि जब उत्तेजना होती है तो फ्लूड निकलता (और एक्सचेंज) ही है। तो सेक्स जानकारी के लिए STDs के बारे में जानें और खुद की व अपने पार्टनर की नियमित जांच कराएं ताकि आप दोनों सुरक्षित रहें।

10. लोग STD की जांच कैसे कराते हैं? मुझे ये कब करानी चाहिए?

इसका सबसे आम तरीका है खून की जांच। अधिकतर अच्छी पैथ लैब में स्टैन्डर्ड STD टेस्टिंग पेनल होते हैं। ये सभी कॉमन STDs को कवर करते हैं। लेकिन कम कॉमन STDs के लिए आपको साल में एक बार डॉक्टर से जांच और पैप- स्मीयर  ज़रूर करवाने चाहिए। जहां तक कब करवाने का सवाल है: जब भी आप किसी नए पार्टनर के साथ सेक्स करना चाहते हों या कर चुके हों तब आपको जांच करवानी चाहिए, क्योंकि एक्सपोज़र का खतरा बढ़ जाता है।

11. क्या मा’स्टरबेशन (हस्त’मैथुन) सामान्य है?

जी हां, बिल्कुल, ये आदमी और औरत दोनों के लिए सामान्य है। उत्तेजना महसूस करना शारीरिक संकेत है किसी एक इंसान को चाहने का और इसलिए अपने आप को छूकर (जिससे आपको अच्छा महसूस हो) क्लाइमेक्स तक आना बिलकुल नॉर्मल है।

12. मुझे ऑ’र्गेज़्म कैसे हो सकता है?

अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग चीज़ें काम करती हैं। कई लकी लोग आसानी से क्ला’इमेक्स तक पहुंच जाते हैं तो कई लोगों को देर तक स्टिमुलेशन या एक्टिविटी की ज़रूरत पड़ती है। सबसे ज़रूरी बात है कि आप अपने पार्टनर के साथ अच्छा महसूस करें और उससे डिसकस करें कि क्या आपको उत्तेजित करता है और क्या आपको पसंद नहीं हैं। ये ऐसा एरिया है जहां आपको ही नई-नई चीज़ें ट्राय करनी होंगी और देखना होगा कि आपके लिए क्या बेस्ट है। इसमें कोई भी आपको एकदम सटीक निर्देश नहीं दे सकता है।

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