भोपाल: मप्र में भाजपा में अब बगावत के सुर उठने लगे हैं. क्योकि प्रदेश में अब विधानसभा उपचुनाव की बिसात बिछाई जाने लगी हैं. जिसको लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पिछली सरकार के मंत्री ने ही सरकार को चेतावनी दे डाली है. हाल ही ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक 22 बागी विधायकों की बीजेपी में एंट्री के बाद पिछले चुनाव में कमल के टिकट पर किस्मत आजमाने वाले नेताओं को अपने राजनीतिक भविष्य की चिंता सता रही है।

दरअसल देवास जिले की विधानसभा सीट से विधायक रहे चुके बीजेपी के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री दीपक जोशी के राजनीतिक सुर उपचुनाव से पहले बदल गए हैं.ऐसे में बीजेपी के अंदर बगावती सुर उठने लगे हैं और उन्होंने नए सियासी ठिकाने की धमकी देनी शुरू कर दी है.उन्होंने कहा है कि अगर पार्टी उन्हें अपनी हिस्सेदारी नहीं देती है, तो वे दूसरे विकल्पों को तलाशेंगे।

आपको बता दें 57 साल के दीपक जोशी मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के बेटे हैं. उन्होंने आज तक से बातचीत करते हुए कहा कि वो तीन बार विधायक रेह चुके हैं. और अगर पार्टी उनके साथ नाइंसाफी करती है तो वह दूसरे विकल्प पर विचार कर सकते हैं।

जोशी ने कहा कि मेरे पिता की मध्य प्रदेश में अपनी राजनीतिक हैसियत रही है. और इसके नाते विधानसभा क्षेत्र के लोगों की अपेक्षाएं हमसे जुड़ी हुई हैं और उनकी राजनीतिक भावनाओं के लिए हम मैदान तो नहीं छोड़ सकते।

दीपक जोशी ने कहा कि अगर कोई खिलाड़ी है तो वो मैच खेलेगा, नेशनल नहीं तो रणजी तो खेलेगा ही. अगर एक टीम से नहीं खेलेगा तो दूसरी टीम से खेलेगा. उन्होंने कहा कि अगर कोई आया है तो ग्राउंड पर उतरे देखे कि किसमें कितना तम है।

गौरतलब है की, प्रदेश में कोरो’नावायरस महा’मा’री के खतरे से ठीक पहले हुई सियासी उठापटक में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में कांग्रेस से सत्ता छीन ली थी।

हलाकि कमलनाथ खेमे को छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले एक विधायक मनोज चौधरी भी हैं, जिन्होंने मध्य प्रदेश में 2018 के विधानसभा चुनाव में देवास जिले की हाटपिपल्या क्षेत्र से दीपक जोशी को पटखनी दी थी।

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