Facebook makes a mistake by not removing the post advocating violence – Mark Zuckerberg

भारत के बाद अमेरिका में भी फेसबुक पर भड़काने वाली पोस्ट को अपने प्लेटफॉर्म से न हटाने का आरोप लगा है।

हालांकि इस दफा फेसबुक के CEO मार्क जकरबर्ग ने कहा है कि फेसबुक ने हिंसा की पैरवी करने वाले पोस्ट को न हटाकर गलती की है। हालांकि, इस आरोप पर जकरबर्ग ने माफ़ी नहीं मांगी है।

न्यूज़ ट्रैक पर छपी खबर के अनुसार, ये मामला अश्वेत युवक जैकब ब्लैक को अमेरिकी पुलिस द्वारा गोली मारने से सम्बंधित है। अमेरिका के विस्कोंसिन के केनेशा में अमेरिकी पुलिस ने जैकब ब्लैक को पीठ में 6 से 7 गोलियां दाग दी थीं। इसके बाद जैकब ब्लैक को लकवा मार गया है।

इस घटना के बाद केनेशा में उग्र विरोध प्रदर्शन होने लगे। इस दौरान फेसबुक पर सक्रीय केनेशा गार्ड नाम के एक फेसबुक पेज ने एक पोस्ट के माध्यम से आह्वान किया कि नागरिकों को हथियार लेकर केनेशा में प्रवेश कर जाना चाहिए।

शुक्रवार को एक वीडियो पोस्ट में जकरबर्ग ने स्वीकार किया कि ये कंटेट फेसबुक की नीतियों का उल्लंघन कर रहा था। किन्तु इस पोस्ट को उस समय नहीं हटाया गया था।

जकरबर्ग ने कहा कि इस पेज के संबंध में कई लोगों ने फेसबुक का ध्यान खींचा, किन्तु उस समय पोस्ट को हटाया नहीं गया था।आखिरकार फेसबुक ने बुधवार को इस पेज को हटाया।

किन्तु तब तक हथियारों से लैस एक व्यक्ति ने कथित रूप से दो लोगों की हत्या कर दी थी और तीसरे को जख्मी कर दिया था।

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