जिस तरह से ईरान ने अमेरिका के खिलाफ रुख अख्तियार किया हुआ है, उसे देखकर लग रहा है कि दोनों देशों के बीच जल्‍द ही जंग हो सकती है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनी ने इस बारे में ऐलान करते हुए कहा कि इराक और सीरिया से अमेरिका के लोगों का जल्‍द खदेड़ा जाएगा। जिसके बाद यह साफ है कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच तनातनी बढ़ सकती है।

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनी ने कहा कि अमेरिका जल्द ही सीरिया और इराक से खदेड़ा जाएगा, ‘जहां वह दोनों अरब देशों में अवैध रूप से मौजूद है।’ खामेनी ने ईरानी छात्रों के साथ वीडियो-कॉन्फ्रेंस मीटिंग में यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “निश्चित रूप से अमेरिकी इराक और सीरिया में नहीं बने रहेंगे और उन्हें इन देशों द्वारा निकाल दिया जाएगा, क्योंकि अमेरिकी लोगों ने आतंकवाद को समर्थन दिया है और क्षेत्रीय देश उनसे नफरत करते हैं।”

लगभग दो महीने पहले उन्होंने अमेरिका को ईरान का सबसे बड़ा दुश्मन बताया था, जिसके बाद उनकी अब ये टिप्पणी आई है। वहीं ईरानी अधिकारियों ने ईरानी टैंकरों द्वारा वेनेजुएला को ईंधन देने में बाधा डालने का प्रयास करने को लेकर भी अमेरिका को चेतावनी दी है।

ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को लिखे एक पत्र में कहा कि ईरानी टैंकरों के खिलाफ ‘अवैध, खतरनाक और उकसावे वाली अमेरिकी धमकियां’ समुद्री डकैती का एक स्वरूप हैं और अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा हैं।” उन्होंने पत्र में कहा कि अमेरिका को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर धमकाना, दबंगई दिखाना बंद करना चाहिए और अंतर्राष्ट्रीय नियमों का पालन करना चाहिए।

जरीफ ने कहा कि किसी भी अवैध कदम के लिए अमेरिका जिम्मेदार होगा। ‘ईरानियन एसोसिएशन ऑफ एक्सपोर्ट्स ऑफ क्रूड प्रोडक्ट्स’ के प्रवक्ता हामिद हुसैनी ने शनिवार को कहा कि अमेरिका व्यावहारिक रूप से ईरान से वेनेजुएला के लिए ऐसे समय में ईंधन के शिपमेंट को अवरुद्ध में असमर्थ होगा जब दोनों देशों को अपने ऊर्जा क्षेत्रों पर अमेरिकी प्रतिबंध के प्रभावों को कम करने के लिए सहयोग करने की आवश्यकता है। उन्होंने वेनेजुएला को गैसोलीन की बड़ी खेपों को भेजने के ईरान के फैसले को एक सही कदम बताया जो कि काराकास को ईंधन की कमी से निपटने में मदद करने के लिए है।

अमरीका की धमकी के बाद ईरान का करारा जवाब : हम फ़ार्स खाड़ी में अपना मिशन इसी रूप में जारी रखेंगे!

अमरीकी सेना की ओर से जारी की गई वार्निंग के बाद इस्लामी गणतंत्र ईरान के सैनिक अधिकारी ने कहा है कि ईरान की नौसेना फ़ार्स खाड़ी और ओमान खाड़ी के इलाक़े में पेशावर अंदाज़ में उसी रूप से अपना मिशन जारी रखेगी जिस तरह अब तक यह मिशन अंजाम दे रही थी।

अमरीकी नौसेना ने धमकीपूर्ण बयान में कहा है कि सभी नौकाएं उसके युद्धक जहाज़ों से कम से कम 100 मीटर की दूरी पर रहें और यदि किसी नौका ने 100 मीटर की सीमा पार करने की कोशिश की तो उस पर सैनिक कार्यवाही की जा सकती है।

ईरानी छात्रों की न्यूज़ एजेंसी इसना ने ईरान के वरिष्ठ सैनिक अधिकारी की यह प्रतिक्रिया अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित की है कि किसी भी प्रकार की धमकी का कोई असर नहीं होने वाला है ईरानी नौसेना अपना काम करती रहेगी।

गत 22 अप्रैल को अमरीकी नौसेना ने कहा था कि ईरानी युद्धक नौकाओं ने उसके युद्धपोत को फ़ार्स खाड़ी में घेर लिया था और ख़तरनाक रूप से युद्धपोत के क़रीब आ गई थीं। इसके बाद अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने धमकी दी थी कि अमरीकी नौसेना के युद्धपोतों के क़रीब आने वाली ईरानी नौकाओं पर हमला कर दिया जाएगा।

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