नई दिल्ली। कोरोना महामारी के कारण हुए लॉकडाउन में परिवार और दोस्‍तों के बीच बातचीत के लिए सबसे ज्यादा वाट्सअप का प्रयोग किया जा रहा हैं। वाट्सऐप में वायस कॉल के साथ वीडियो कॉल, ग्रुप कॉल करके लोग एक दूसरे से संपर्क में हैं। लेकिन ये वाट्सऐप अब खतरनाक हो चुका हैं, क्योंकि इसके जरिए भी कई फ्रॉड हो रहे हैं। यहीं कारण हैं कि दिल्ली पुलिस ने वाट्सअप को लेकर एक अलर्ट जारी किया हैं। पुलिस के अनुसार वाट्सऐप पर आपके द्वारा की गई एक गलती से आपका पूरा अकाउन्‍ट खाली हो जाएगा। जानिए कैसे?

दिल्ली पुलिस ने वाट्सऐप यूजर्स के नए स्कैम के बारे में किया अलर्ट

वर्तमान समय में कम्यूनिकेशन का सबसे अच्छा साधन वाट्सऐप तो बना हैं लेकिन इसके जरिए फ्रॉड और साइबर क्राइम करने वाले धोखाधड़ी के लिए आए दिन तरीके अपना रहे हैं। दिल्ली पुलिस के साइबर क्राइम डिवीजन ने एक ट्वीट के जरिए इस बात की जानकारी साक्षा की हैं। दिल्ली पुलिस ने वाट्सऐप यूजर्स को एक नए स्कैम के बारे में अलर्ट जारी किया गया हैं। इसमें हाईजैकर आपके अकाउंट की जानकारी लेकर उसे लॉक कर देते हैं। बता दें भारत में साइबर क्राइम अपने चरम पर पहुंच चुका हैं। इसका सबसे बड़ा कारण स्मार्ट फोन है क्योंकि एक दिन में लगभग 18 घंटे तक तो हर हाथ में ये मोबाइल फोन रहता हैं और घर बैठे सारे काम हम इसी से निपटाते हैं। फोन में हमारी बैंक संबंधी समेत अन्‍य सभी पर्सनल जानकारी रहती हैं। जिसका लाभ ये साइबर क्राइम करने वाले उठा रहे हैं।

WhatsApp अकाउंट हाईजैकिंग

पुलिस की सूचना के अनुसार WhatsApp अकाउंट हाईजैकिंग करते हैं जिसमें हाइजैकर पहले किसी और का बैंक अकाउंट हाइजैक करता है और उसके बाद उसके संबंधित दोस्त या परिवार के सदस्य से बात करके फाइनेशियल ट्रांजेक्शन करने के लिए डिटेल मांगता हैं। दिल्ली पुलिस के अनुसार ये लोग वाट्सऐप टू लेयर ऑथेंटिकेशन को क्रेक कर अकाउंट को लॉक कर देते हैं।

WhatsApp के जरिए इस तरह कर रहे फ्रॉड

 दिल्ली पुलिस ने ये भी बताया कि ये हैकर अपने आप को WhatsApp यूजर्स स्टाफ बता कर फोन करते हैं। यूजर्स को भरोसा दिलाने के लिए ये लोग एक फेक अकाउंट का इस्तेमाल करते हैं जिसमें वाट्सऐप का लोगो भी होता है। दिल्‍ली पुलिस के अनुसार हाईजैकर डुप्लीकेट अकाउंट का उपयोग कर पहले वैरिफिकेशन पिन शेयर करने के लिए कहता हैं। आपके पिन शेयर करते ही अकाउंट हाइजैक हो जाता है। उसके बात OTP और पैसे की मांग करता है।उसके बाद यूजर्स से वैरिफिकेशन कोड मांगते हैं और WhatsApp अकाउंट के जरिए स्मार्टफोन से निजी जानकारियां चुरा लेते हैं। इसमें पहले एक मैसेज भेजते हैं जिसमें 6 अंकों का आया हुआ कोड यूजर की पहचान वेरीफाई करने के लिए शेयर करने को कहता है. WhatsApp की ऑफिशियल टीम समझ कर यूजर भी इनके बहकावे में आसानी से आ जाते हैं।

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