हिंदुस्तान, एक राष्ट्र होते हुए भी यहाँ सभी धर्मों की पहचान बिलकुल अलग है! भारत देश के लिए विविधता में एकता वाला नारा एकदम सही है। लेकिन भारत में कई मुद्दों को लेकर हिंदू मुस्लिमों में आपसी सहमति नहीं बन पाती है।

भारत में बहुत अधिक मुस्लिम है लेकिन फिर भी कोई मुस्लिम आज तक भारत का प्रधानमंत्री नहीं बन पाया है। सवाल है कि, “आज तक भारत का प्रधान मंत्री कोई मुस्लिम क्यों नहीं बन पाया है?”

आज़ादी के 68 साल भी, इस सेक्युलर भारत में एक भी मुस्लिम, भारत का प्रधान मंत्री नियुक्त नहीं किया गया। आखिर इसका क्या कारण है? इसके 2 कारण हो सकते हैं।

पहला कारण आज की तारीख में उतने प्रभावशाली मुस्लिम नेता या लीडर नहीं बचे हैं और जो हैं वो बेहद ही अतिवादी खयालात के हैं।

दूसरा कारण जहां 85% लोग हिंदू हैं, क्या एक मुस्लिम प्रधान मंत्री को चुनेगी? क्योकिं हिंदू मुस्लिम के बीच कभी रिश्ते अच्छे नहीं रहे हैं।

इन्ही कारणों से आज तक भारत में कोई मुस्लिम नेता पीएम के पद पर नहीं पहुंच पाया है। तो आपकी इस बारे में क्या राय है हमें कमेंट के माध्यम से बताना ना भूलिएगा।

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