पुलिस हिरासत में पिटाई से हुई मौत के बाद गुजरात के दाहोद के गरबडा तालुका में गुरुवार को हुई हिंसा में पुलिस की गोली से एक किसान की मौत हो गयी, जबकि कम से कम 2 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।कथित तौर पर हिरासत में पिटाई से हुई मौत के बाद आदिवासी बहुल गांव चिलाकोटा के क्रोधित गांववालों ने पुलिस थाने का घेराव किया। गांववाले दोषी पुलिस वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज करने की मांग कर रहे थे। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए गोली चलाई जिससे गोली किसान के सिर में लगी थी। किसान की मौत के बाद इलाके में तनाव व्याप्त है।

सूत्रों के अनुसार पुलिस क्राइम ब्रांच ने चोरी-डकैती के आरोपी नरेश गमर के 2 भाईयों कनेश गमर और राजू गमर को पूछताछ के लिए उठा ले गई। पूछताछ के बाद जब पुलिस दोनों को वापस छोड़ कर गई, उसके करीब एक घंटे बाद ही गमरा की मौत हो गयी। गांववाले सुबह सात बजे गमरा का शव लेकर जेसावाड़ा पुलिस थाने पहुंचे और गमरा से पूछताछ में शामिल पुलिसवालों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किए जाने की मांग करने लगे।

पंचमहल रेंज के आईजी ब्रजेश कुमार झा ने बताया, ‘हमें उस व्यक्ति के मौत की खबर मिली है और हम अभी इसकी पुष्टि कर रहे हैं।’ बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ ने जेसवाडा पुलिस स्टेशन का घेराव किया और पत्थरबाजी शुरू कर दी। गांववालों के पथराव में सात पुलिस वालों को चोट लगी है। भीड़ ने पुलिस के एक वाहन में आग भी लगा दिया। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और साथ ही फायरिंग भी करनी पड़ी।पुलिस की गोली से तीन लोग घायल हो गये जिनमें से एक किसान रामसु मोहनिया की मौत हो गयी।

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