नरेन्द्र मोदी का गुजरात इस बार बीजेपी के लिए जीतना मुश्किल नजर आ रहा है. जो गुजरात आज तक पिछले 15 सालों से मोदी का था अब वह मोदी से ही नाराज नजर आ रहा है. गुजरात में जो हवा इस समय बह रही है उससे बीजेपी और संघ दोनों ही डरे नजर आ रहे हैं.

गुजरात में जनता से बात करो तो हर कोई मोदी को लेकर गुस्से में नजर आ रहा है. जनता को ऐसा लग रहा है कि मोदी ने जैसे उनके साथ विश्वासघात किया है खुद तो वह दिल्ली चले गये थे लेकिन गुजरात में कोई भी ऐसा चेहरा नहीं था जो गुजरात के भले के लिए काम कर रहा था. हालात इतनी खराब है कि गुजरात के लगभग 30 हजार युवा तो बेरोजगार ही है. मोदी की हार अगर इस बार गुजरात में होती है तो उसका एक मुख्य कारण बेरोजगारी भी रहने वाली है.

अभी अगर गुजरात में चुनाव हो जाएँ तो मोदी की हालत काफी पतली नजर आएगी. बीजेपी के आंकड़े जो 150 बता रहे हैं वह मात्र 70 तक सिमटते हुए नजर आयेंगे. पिछले चुनाव में बीजेपी के पास जहाँ 116 सीट थीं तो इस बार हालात मोदी के लिए सही नजर नहीं आ रहे हैं. कांग्रेस अभी 100 से 110 सीट लेती हुई नजर आ रही है. इतना बड़ा फायदा कांग्रेस को होता हुआ नजर आ रहा है.

प्रदेश में व्यवसायी भी नरेन्द्र मोदी सरकार की नीतियों को लेकर दुखी है. मध्यमवर्गी लोग अपना व्यवसाय कर नहीं पाए हैं और वहीँ जीएसटी तो जैसे नये लोगों के लिए जहर बनकर सामने आया है. तो इन्हीं नीतियों के चलते कहीं ना कहीं अभी चुनाव होने पर बीजेपी की हालत खस्ता नजर आ रही है. लगातार मोदी का बुखार जनता के दिल से उतरता हुआ नजर आ रहा है.

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