फ़्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रां और जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल ने सऊदी अरब के विरुद्ध यूरोप द्वारा प्रतिबंध लगाने के लिए आयोजित होनी इस्तांबोल बैठक का समर्थन किया है।

फ़्रांस प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार फ़्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रां और चर्मन चांसलर एंगेला मर्केल ने शनिवार को इस्तांबोल चार पक्षीय बैठक से पहले द्विपक्षीय मुलाक़ात में रियाज़ के विरुद्ध प्रतिबंध लगाने के बारे में यूरोप की नीतियों के समन्वय करने और जमाल ख़ाशुक़्जी की हत्या के मामले में सऊदी अरब पर प्रतिबंध लगाने का समर्थन किया।

आस्ट्रिया और जर्मनी सहित बहुत से यूरोपीय देशों ने इस बात का समर्थन किया है कि यदि यह स्पष्ट हो जाए कि आलोचक पत्रकार जमाल ख़ाशुक़्जी की हत्या में सऊदी अरब का हाथ है तो उसके विरुद्ध प्रतिबंध लगाया जाए। सऊदी अधिकारियों ने सरकारी तौर पर स्वीकार कर लिया है कि 2 अक्तूबर से लापता पत्रकार जमाल ख़ाशुकजी की मौत हो गई है।

रियाज़ सरकार ने अपने बयान में दावा किया है कि इस्तांबूल में काउंसलेट की इमारत के भीतर एक दर्जन से अधिक सऊदी अधिकारियों से जमाल ख़ाशुक़जी की लड़ाई हो गई जिसके दौरान ख़ाशुक़जी की मौत हो गई। ख़ाशुक़जी और अधिकारियों के बीच बातचीत के दौरान हाथापायी शुरू हो गई और ख़ाशुक़जी की मौत हो गई।

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