ओमान ने शनिवार को इज़राइल को एक स्वीकृत मध्य पूर्व राज्य के रूप में वर्णित किया. ओमान के सुलतान का यह बयान तब आया जब एक दिन पहले इजराइल के प्रधान मंत्री नेतान्याहू ने ओमान का दौरा किया.

मिडिल ईस्ट ऑय के मुताबिक, ओमान इजरायल और फिलिस्तीनियों को एक साथ आने में मदद करने के लिए विचारों की पेशकश कर रहा है लेकिन मध्यस्थ के रूप में कार्य नहीं कर रहा है, विदेशियों के लिए उत्तरदायी सल्तनत के मंत्री यूसुफ बिन अलावी बिन अब्दुल्ला ने बहरीन में एक सुरक्षा शिखर सम्मेलन में यह बात कही.

यूसुफ ने कहा, “इस क्षेत्र में इज़राइल एक राज्य मौजूद है, और हम सभी इसे समझते हैं.” “दुनिया इस तथ्य से भी अवगत है. शायद यह वो वक़्त है कि इज़राइल के साथ व्यवहार किया जाए [जैसा कि अन्य राज्यों के रूप में] और वही दायित्व भी सहन करते हैं.”

उनकी टिप्पणियों ने इज़राइली प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा ओमान की दुर्लभ यात्रा का पालन किया, जो फिलीस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने खाड़ी देश की तीन दिवसीय यात्रा का भुगतान करने के कुछ दिन बाद आए. दोनों नेताओं ने ओमान के महामहिम सुल्तान कबाबू बिन सैद से मुलाकात की.

यूसुफ ने शिखर सम्मेलन में कहा, “हम यह नहीं कह रहे हैं कि सड़क अब फूलों के साथ आसान और पक्की है, लेकिन हमारी प्राथमिकता संघर्ष को खत्म करना और एक नई दुनिया में जाना है.” ओमान अमेरिका पर निर्भर है और “डील ऑफ़ सेंचुरी” (मध्य पूर्व शांति) की दिशा में काम करने में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा किए गए प्रयासों पर निर्भर है.

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