शिलांग। मेघालय में 27 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव में महज सात दिन बचे हैं। मेघालय की 30 लाख की आबादी में करीब 75 फीसदी आबादी ईसाइयों की है। सत्ता पर कांग्रेस का कब्जा है। भाजपा राज्य से कांग्रेस का सत्ता से हटाना चाहती है इसके लिए वह कांग्रेस मुक्त भारत का ध्येय लेकर चल रही है। राज्य में सियासत में गर्माहट तेज हा गर्इ है आैर दोनों आेर से बयानों का सिलसिला जारी है।

ऐसे में मेघालय कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष विंसेंट एच पाला ने कहा कि बैपटिस्ट चर्च के एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के अध्यक्ष का वीजा नामंजूर किए जाने का परिणाम बीजेपी को भुगतना होगा। दरअसल ईसाई नेता इस महीने की शुरुआत में एक चर्च की 150वीं सालगिरह में हिस्सा लेने के लिए मेघालय आने वाले थे, लेकिन उनके वीजा का आवेदन कथित रूप से नामंजूर कर दिया गया।

पिछले हफ्ते एक कार्यक्रम में शरीक होने के लिए पॉल मिस्जा भारत आने वाले थे, लेकिन केंद्र सरकार ने उनका वीजा नामंजूर कर दिया था। इस मामले को लेकर केंद्रीय पर्यटन मंत्री के.जे. अल्फोंस ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को आखिरी समय में फोन भी किया था। इसके बावजूद पॉल मिस्जा कार्यक्रम में हिस्सा नहीं ले पाए थे। बाद में सरकार की तरफ से स्पष्टीकरण जारी किया गया था।

कांग्रेस ने इस मामले को लेकर बीजेपी को निशाने पर लिया। कांग्रेस ने कहा कि दो साल पहले पॉल मिस्जा जब गारो हिल्स आए थे तब उन्हें निगरानी में रखा गया था।

आपको बता दें कि मेघालय में विधानसभा की 60 सीटें हैं। 2013 के चुनाव में बीजेपी अपना खाता तक नहीं खोल पाई थी। इस चुनाव में बीजेपी ने 47 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं। बीजेपी इस चुनाव में मिशन-40 के लिए जोर-शोर से प्रचार कर रही है। 16 फरवरी को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने रैली को संबोधित किया था।

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