नई दिल्ली: यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री और समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान ने बड़ा बयान देते हुए एबीपी न्यूज़ से कहा कि अगर मायावती यूपी चुनाव में मुसलमानों को 303 टिकट दे दें तो मैं बीएसपी में शामिल हो जाउंगा.

एबीपी न्यूज़ के खास कार्यक्रम ‘घोषणापत्र’ में एसपी के कद्दावर नेता आजम खान ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर एक बड़ा बयान दिया. टिकट बंटवारे में मुसलमानों काध्यान रखने को लेकर आजम खान ने बीएसपी सुप्रीमो मायावती की तारीफ भी की.

मायावती ने मुसलमानों की हैसियत और ताकत को समझा

आजम खान ने कहा, ”मायावती ने मुसलमानों को 100 टिकट दिया हैं. ये अच्छी बात है कि उन्होंने मुसलमानों की हैसियत और ताकत को समझा. मुसलमानों ने उन्हें 4 बार मुख्यमंत्री भी बनाया है. हमारा खयाल तो ये था कि वो मुसलमानों को 403 टिकट दे दें.”

बीएसपी में शामिल होने के सवाल पर आजम खान ने कहा कि अगर बीएसपी सुप्रीमो उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मुसलमानों को 303 टिकट दे दें तो मैं बहुजन समाज पार्टी में शामिल हो जाउंगा.

मैं मुलायम से बेपनाह मोहब्बत करता हूं: आजम खान

इससे पहले आजम खान ने कहा कि रामपुर में मैंने इतना काम किया है, पिछले 100 सालों में किसी ने ऐसा काम नहीं किया है. समाजवादी पार्टी के पूर्व मुखिया मुलायम सिंह यादव से सख्त अंदाज में बात करने के सवाल पर उन्होंने कहा, मैं नेताजी (मुलायम सिंह यादव) से बेपनाह मोहब्बत करता हूं. इसलिए मैं उनसे सख्त लहजे में बात करता हूं.

जानें कौन हैं आजम खान ?

आजम खान समाजवादी पार्टी का मुस्लिम चेहरा हैं. उत्तर प्रदेश में जिस साढ़े 4 मुख्यमंत्री की सरकार होने का आरोप लगता रहा है, 68 साल के आजम खान उन्हीं साढ़े 4 मुख्यमंत्री में से एक कहे जाते हैं.

8 बार रामपुर से विधायक रह चुके आजम खान नौवीं बार अपनी किस्मत आजम रहे हैं और इस बार बेटे अब्दुल्ला आजम को भी चुनाव मैदान में उतार दिया है. पत्नी तजीन फातिमा राज्यसभा सांसद हैं. आजम खान अखिलेश सरकार में शहरी विकास और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री के ओहदे पर हैं. आजम खान यूपी में मुलायम सिंह यादव के बाद अकेले नरेंद्र मोदी से लोहा लेते दिखते हैं.

1985 में मुलायम सिंह के संपर्क में आए थे आजम खान

आजम खान 1985 में मुलायम सिंह के संपर्क में आए और जब 1992 में समाजवादी पार्टी बनी तो संस्थापक सदस्यों में से एक थे. आजम 1989, 1993, और 2003 की मुलायम सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे. मुस्लिम सियासत में आजम खान की पैठ की शुरुआत 1980 में हुई जब मुरादाबाद में दंगे हुए थे.

यूपी के समाजवादी पार्टी के सबसे बड़े कुनबे में जब बाप-बेटे के बीच राजनीतिक घमासान मचा, तब आजम खान सुलह कराने में सबसे आगे दिखे. आज उनकी पार्टी कांग्रेस के साथ कदमताल कर रही है. भले ही अखिलेश को राहुल गांधी का साथ मिल रहा हो लकिन आजम खान गांधी परिवार के खिलाफ हमेशा बरसते रहे हैं.

दिल्ली में रहता है सबसे बड़ा रावण: आजम खान

इससे पहले समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और कैबिनेट मंत्री आजम खान ने रविवार को रामपुर में बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि ‘हिंदुस्तान का बादशाह देशवासियों को चोर कहता है, जबकि सबसे बड़ा रावण लखनऊ में नहीं, दिल्ली में रहता है.’

रामपुर में आयोजित चुनावी जमसभा को संबोधित करते हुए आजम ने कहा, “मुस्लिमों के बगैर यूपी में कोई बादशाह नहीं बन सकता और हमें गाली देकर हिंदुस्तान खुशहाल नहीं हो सकता.”

अल्पसंख्यकों को अपनी ताकत का अंदाजा नहीं

आजम ने कहा कि अल्पसंख्यकों को अपनी ताकत का अंदाजा नहीं है. वे यूपी व पूरे देश की तस्वीर बदलकर रख सकते हैं. उन्होंने केंद्र सरकार के बजट पर टिप्पणी करते हुए कहा कि छात्रों, नौजवानों और किसानों के लिए बीजेपी सरकार ने कुछ नहीं किया है, करने का इरादा भी नहीं लगता.

उन्होंने कहा, “ताज्जुब इस बात की है कि जुमले वाले ये कैसे सोच लेते हैं कि उनकी बातों पर लोग भरोसा कर लेंगे. अपने भाषणों से आंधी की उम्मीद करने वाले औंधे मुंह गिरेंगे.”

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