नई दिल्ली: देश के तटों की सुरक्षा के लिए रक्षा मंत्रालय ने आज 42 नए रडार स्टेशन स्थापित करने की मंजूरी दे दी. इसके साथ ही पाकिस्तान की तरफ खास नजर रखने के लिए कच्छ और खंबात की खाड़ी में दो खास तरह के वैसेल ट्रैफिक मैनजमेंट सिस्टम को इन रडार स्टेशन से जोड़ा जायेगा.

रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, आज रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर की अध्यक्षता वाली रक्षा खरीद परिषद ने 800 करोड़ रुपये के कोस्टल सर्विलांस सिस्टम के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी. बेंगलुरु स्थित सरकारी कंपनी, बीईएल ‘बाई इंडिया’ कैटेगैरी के तहत इन 42 रडार स्टेशन्स को स्थापित करेगी. इनमें से चार (04) स्टेशन्स मोबाइल होंगे.

सूत्रों के मुताबिक, कच्छ और खंबात की खाड़ी में इन रडार स्टेशन्स के साथ वीटीएमएस यानि वैसैल ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को भी जोड़ा जायेगा. इस सिस्टम के तहत समंदर में मौजूद सभी जहाज, युद्धपोत और बोट्स को ट्रैक किया जा सकता है. रक्षा खरीद परिषद में रक्षा मंत्री के अलावा तीनों सेनाओं के प्रमुख और रक्षा सचिव सदस्य होते हैं. सेनाओं के आधुनिकिरण और साजों-सामान खरीदने की जिम्मेदारी इसी कमेटी की होती है.

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, कोस्टल सर्विलांस सिस्टम का ये दूसरा चरण है. इससे पहले मुंबई के 26/11 हमले के बाद पहले चरण में 46 रडार स्टेशन स्थापित किए गए थे. इन रडार स्टेशन्स के जरिए समंदर और समुद्री-तटों पर नजर रखी जाती है. बताते चलें कि मुंबई हमले के दौरान आतंकी समंदर के रास्ते ही पाकिस्तान से भारत में घुसे थे.

करीब दो साल पहले भी पाकिस्तान की एक संदिग्ध बोट ने अरब सागर में कोस्टगार्ड द्वारा पीछा किए जाने के बाद आग लगा ली थी. यही वजह है कि रक्षा मंत्रालय तटों की सुरक्षा पर खास ध्यान दे रहा है.

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