इलाहाबाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कैराना में हुए कथित पलायन के बाद शामली और मुज़फ्फरनगर ज़िलों में निष्पक्ष और भयमुक्त वोटिंग के पुख्ता इंतजाम कराए जाने को लेकर यूपी सरकार को सख्त हिदायत दी है. हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने यूपी के गृह विभाग के प्रमुख सचिव और डीजीपी को कैराना समेत शामली व मुज़फ्फरनगर में इस तरह के इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं कि लोग वहां पिछले दिनों हुई घटना का असर न दिखाई दे और लोग भयमुक्त होकर अपनी पसंद के उम्मीदवार को वोट दे सकें.

लोगों की सुरक्षा के ख़ास इंतजाम

अदालत ने पलायन से प्रभावित व इससे जुड़े दूसरे लोगों की सुरक्षा के ख़ास इंतजाम किये जाने के भी निर्देश दिए हैं. अदालत ने इस बारे में टिप्पणी करते हुए कहा है कि पिछले साल हुई संवेदनशील घटना के बाद शामली व आस पास के इलाकों में क़ानून व्यवस्था कायम रखने और निष्पक्ष व शांतिपूर्ण मतदान के इतने पुख्ता इंतजाम किए जाएं, जिससे हर रजिस्टर्ड वोटर भयमुक्त होकर अपनी पसंद के वोटर को मतदान कर सके. जस्टिस वीके शुक्ल और जस्टिस संगीत चंद्रा की डिवीजन बेंच ने यह आदेश सामजिक कार्यकर्ता लोकेश कुमार खुराना की पीएआईएल पर सुनवाई के बाद दिया है.

पलायन की घटना पर यूपी सरकार से जवाब तलब

अदालत ने शामली जिले के कैराना कसबे और मुजफ्फरनगर के आसपास के इलाकों से हिंदुओं के पलायन की घटना पर यूपी सरकार से जवाब तलब करते हुए उसे अपना जवाब दाखिल करने के लिए छह हफ़्तों की और मोहलत दी है. अदालत ने पिछली सुनवाई में ही यूपी सरकार से पूछा था कि पलायन को रोकने और पिछले साल पलायन करने वालों की घर वापसी के लिए क्या कदम उठाए गए हैं.

पलायन की घटना की जांच सीबीआई से कराए जाने की मांग वाली अर्जी पर सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी करते हुए इसे बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला बताया था. यूपी सरकार को इस मामले में आज ही अपना जवाब दाखिल करना था, लेकिन उसने चुनाव का हवाला देते हुए जवाब दाखिल नहीं किया और कुछ दिनों की मोहलत दिए जाने की मांग की. हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने यूपी सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए छह हफ़्तों की और मोहलत दे दी. अदालत इस मामले में अब इक्कीस मार्च को सुनवाई करेगी.

हिन्दू परिवार लगातार पलायन करने को मजबूर

मेरठ के सामाजिक कार्यकर्ता लोकेश कुमार खुराना की तरफ से अदालत में कहा गया था कि एक ख़ास समुदाय के दबंगों की मनमानी व उनके अत्याचार से आजिज आकर बड़ी तादात में हिन्दू परिवारों ने पलायन किया है. पीआईएल के ज़रिये यह आरोप लगाया गया है कि सियासी दबाव के चलते पुलिस दबंगों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है. राजनैतिक शह मिलने से आतंक फैलाने वाले दबंगों का मनोबल बढ़ता जा रहा है और हिन्दू परिवार लगातार पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं.

पीआईएल में कहा गया था कि बड़ी तादात में हिंदुओं का घर छोडकर दूसरी जगह जाना सामान्य मामला नहीं है. दबंगों व अपराधियों में पुलिस का खौफ नहीं रह गया है. इलाके में अल्पसंख्यक हिन्दुओं के पास घर छोड़ने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा था. यूपी पुलिस के रवैये से साफ़ है कि वह दबाव में काम कर रही है, लिहाजा इस मामले में सीबीआई जांच बेहद ज़रूरी हो गई है. इसी मामले में एक नई अर्जी दाखिल कर पलायन वाले क्षेत्रों में वोटिंग के विशेष इंतजाम कराये जाने की मांग अलग से की गई.

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