नई दिल्ली: एनसीआर में ऐप से चलने वाली टैक्सी सर्विस की हड़ताल का आज छठा दिन है. ऐप ना चलने से तो लोगों को दिक्कत हो ही रही थी. अब हड़ताली कैब चालकों ने हड़ताल में शामिल ना होने वाली कैब को निशाना बनाना शुरू कर दिया है. पिछले दो तीन दिन से दिल्ली से सटे गाजियाबाद में लगातार इस तरह की घटनाएं हो रही हैं.

गाजियाबाद में गाड़ी में लगाई आग

कल रात गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके में एक ऊबर कैब सवारियों को लेकर जा रही थी. इसी दौरान रास्ते में आधा दर्जन हड़ताली कैब चालकों ने इस किराए की टैक्सी को रोक लिया और तोड़फोड़ करने के बाद इसमें आग लगा दी. गनीमत ये रही कि कैब से सवारियां और ड्राइवर समय रहते उतर गए नहीं तो जान का भी नुकसान हो सकता था.

दो दिन पहले भी हो चुका है ऐसा

दो दिन पहले भी वैशाली मेट्रो स्टेशन पर सवारी ले जा रही कई ऐप आधारित टैक्सियों को रोककर हड़ताली कैब ड्राइवरों ने तोड़फोड़ और मारपीट की थी. इस बारे में अदालत भी कह चुकी है कि हड़ताली कैब ड्राइवर किसी चल रही कैब को नहीं रोकें. लेकिन यूपी में कानून और व्यवस्था का डर तो मानो खत्म ही हो गया है. इसी का नतीजा है कि कैब ड्राइवर खुलेआम गुंडागर्दी कर रहे हैं.

कानून का डर किसे है?

लोग खौफ में है और पुलिस खानापूरी के सिवा कुछ नहीं कर रही. कैब ड्राइवरों का कहना है कि उन्हें कंपनियां वो रेट नहीं दे रही हैं जो उन्हें मिलना चाहिए. इस सब के बीच बड़ा सवाल है कि अगर किसी बात को लेकर विवाद है तो हड़ताली ड्राइवर उसे बातचीत से सुलझाने का प्रयास कर सकते हैं. कानून को हाथ में लेना मारपीट करना और कार को आग लगा देना किसी भी लिहाज से सही नहीं है.

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