सऊदी गेजेट के मुताबिक, सऊदी अब की सौर ऊर्जा यानी सोलर एनर्जी में विशेषज्ञता वाले कई अर्थशास्त्रियों ने पुष्टि की है कि सऊदी के “विज़न 2030” के मुताबिक, आय के स्रोतों में विविधीकरण के लिए कई फायदे हैं जो कि भविष्य में सऊदी को कई लाभ देने वाला है.

अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, 200 जीडब्ल्यू की उत्पादन क्षमता वाले विश्व की सबसे बड़ी सौर ऊर्जा परियोजना बनाने के लिए क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान, उप प्रधान मंत्री और रक्षा मंत्री और सॉफ्टबैंक के बीच सौर ऊर्जा परियोजना में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये गये है. आय के स्रोतों में विविधता लाने के लिए बदलाव बेहद ज़रूरी है, क्योंकि सऊदी के कुछ क्षेत्रों में प्रति वर्ग मीटर 2500 गीगावॉट सौर विकिरण प्राप्त होता है. जिसके सऊदी को काफी फायदा होने वाला है.

डेजर्ट टेक्नोलॉजीज इंजीनियरिंग के कार्यकारी निदेशक नूर मूसा ने इस समझौते पर टिप्पणी करते हुए कहा कि, “सौर ऊर्जा उद्योग को स्थानीय बनाने के लिए सॉफ्टबैंक के साथ 120 अरब डॉलर के समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं. दुनिया के लिए उत्पादन और निर्यात ऊर्जा को स्वच्छ करने और इसके निर्यात को सऊदी की प्राथमिकताओं में से एक है.

सऊदी बदल रहा है
सऊदी गेजेट के मुताबिक, विज़न 2030 के तहत तेल पर निर्भरता को कम करने और उर्जा क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय रुझान के साथ तालमेल रखना और सऊदी अरब को ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में विश्व स्तर पर अपनी पहली जगह बनाए रखने में सक्षम बनाना है.”

बिन सलमान के विज़न 2030 में सऊदी महिलाओं पर भी ख़ास ध्यान केन्द्रित किया गया है. सऊदी के प्राइवेट और पब्लिक विभागों में महिलाओं को नौकरी दी जा रही है. सऊदी की अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सऊदी में सिनेमाघर खोले जा रहे है. सऊदी के ऐतिहासिक स्थलों का पुननिर्माण करके पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है.

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