प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी की पिछले साल सऊदी अरब सहित खाड़ी देशों की यात्रा के बाद कयास लगाये जा रहे थे कि इस यात्रा से भारतियों को खाड़ी देशों में रोजगार प्राप्त करने में आसानी हो जायेगी. ऐसा ही दावा केंद्र की मोदी सरकार की ओर से भी किया गया था. लेकिन मोदी सरकार के इस दावें की हवा निकल गई हैं.

ताजा आंकड़ों सेके अनुसार, प्रधानमंत्री के इस यात्रा के बाद भारतियों की 50% सऊदी नौकरियां पाकिस्तान और बांग्लादेश में स्थानांतरित हो गई. इसी के साथ देश में भी लगातार बेरोजगारी बढ़ती जा रही हैं. इस बात को खुद मोदी सरकार ने स्वीकार किया हैं.

राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक सवाल के जवाब में राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि कुल मिलाकर बेरोजगारी की दर बढ़ी है, लेकिन यह दर अन्य पिछड़ा वर्ग के बीच अधिक है. उन्होंने कहा कि कुल बेरोजगारी दर पांच फीसदी है. जबकि यह ओबीसी के लिए 5.2 फीसदी है.

याद रहें कि मोदी सरकार देश में दो करोड़ नौकरियों देने के वादे के साथ सत्ता में आई थी. इसी के साथ ध्यान देने वाली बात हैं कि 2012 में कुल बेरोजगारी दर 4.7 फीसदी और 2011 में 3.8 फीसदी थी. वहीं, अनुसूचित जाति में यह दर साल 2011 में 3.1 फीसदी थी, जो अब बढ़कर 5 फीसदी हो गई है.

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