लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मुख्तार अंसारी की भाईगिरी सबने मानी है मुख्तार भाई के नाम प्रचलित इस व्यक्ति का राजनीतिक कद जितना ऊंचा है उतनी ही बड़ी मुख्तार की शक्सियत।
समाजवादी पार्टी में मुख्तार अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल के विलय के बाद अंसारी बंधुओं का टिकट भी कन्फर्म होता प्रतीत हो रहा था, लेकिन पार्टी में उठा—पटक और फिर मुख्तार का टिकट कटने का मामला जब सामने आया तो बसपा ने मौका देखकर उनकी घर वापसी करा दी। अब मुख्तार अंसारी और उनकी पार्टी बसपा में समाहित हो चुकी है। सूत्रों के हवाले से पता चला है अब राज्य सरकार मुख्तार को लखनऊ से आगरा जेल शिफ्ट करने जा रही है। ज़ाहिर है हाथी पर मुख्तार की सवारी अच्छे अच्छो को रास नहीं आई होगी। संभवत: मुख्तार को लखनऊ से आगरा दर—बदर करना एक बदले की कार्रवाई हो सकती है। मायावती ने गुरूवार को अपने आवास पर जारी प्रेस कांफ्रेस में मुख्तार को बेदाग बताया है और उनके राजनैतिक विरोधियों पर मुख्तार को फंसाने का दावा किया है। मायावती ने ये भी कहा है वो किसी बेगुनाह के साथ अन्याय नहीं होने देंगी।

LEAVE A REPLY