दिल्ली हाईकोर्ट ने आज ज़ी न्यूज़ के भड़काऊ शो ‘फतह का फ़तवा’ के खिलाफ दायर याचिका की सुनवाई करते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को नोटिस जारी किया है।

दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस जी रोहिणी और जस्टिस संगीता धींगड़ा ने मामले पर सुनवाई करते हुए यूनियन ऑफ इंडिया से इस संबंध में जवाब तलब किया है।

याचिकाकर्ता अधिवक्ता हिफ्ज़ुर्रह्मान खान की तरफ से एडवोकेट मोहम्मद फरहान खान और फ़रह हाशमी ने पक्ष रखते हुए कहा कि ज़ी न्यूज़ पर प्रसारित किए जा रहे एस शो से देश का माहौल बिगड़ने की आशंका है। इसलिए इसे तत्काल प्रभाव से बंद कर देना चाहिए।

बता दें कि याचिका में कहा गया है कि शो से मुसलमानों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। ‘फतह का फतवा’ को देश के भाईचारे के लिए खतरा बताते हुए इसपर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है। इसके साथ ही इस प्रोग्राम को यू ट्यूब से भी हटाने की अपील की गई है।

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PIL दाखिल करने वाले अधिवक्ता हिफ्ज़ुर्रह्मान खान की अपील पर अब अगली सुनवाई एक मई को होगी लेकिन शो पर स्टे लगाने के लिए वह इस हफ्ते फिर से कोर्ट में अपील करेंगे।

कोर्ट की ओर से जारी नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया एक्टिविस्ट मोहम्मद अनस ने अपनी फेसबुक वॉल पर लिखा कि यह हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे की जीत है।

उन्होंने लिखा, “पाकिस्तानी के भगोड़े कनाडा से पलायन किए हुए तारेक फतह पर देश की अमन पसंद और संविधान एवं लोकतंत्र में भरोसा रखने वाली जनता की यह पहली जीत है। देश में हिन्दू और मुसलमान के बीच आग नहीं लगने दी जाएगी”।

तारेक फतह जो कि हमारे मुल्क को तोड़ने की कोशिश में लगा है उसके सपने कभी पुरे नहीं होंगे। बहुत जल्दी ही ये प्रोग्राम बंद होगा।

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