प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ग़रीबी रेखा के नीचे गुज़ारा करने वाले परिवारों के लिए मुफ्त घरेलु रसोई गैस कनेक्शन मुहैया करने के लिए उज्जवल योजना का बलिया से उदघाटन किया था।

इस योजना को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री ने बैंको एवं औधोगिक घरानों को अपने कर्मचारियों से सब्सिडीयुक्त गैस सिलेंडर छोड़ने के लिए प्रेरित करने की माँग भी की थी। गैस सब्सिडी छोड़ने के लिए प्रेरित करने के लिए मोदी सरकार ने कई तरह के विज्ञापन और डिजिटल मीडिया का इस्तेमाल कर करोडो रुपये खर्च कर दिए है। उस समय देश के सभी पेट्रोल पंपों पर विज्ञापन लगाया गया था जिसमे सब्सिडी गैस छोड़ने के लिए प्रेरित किया गया था।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इन विज्ञापनों में 250 करोड़ रुपये खर्च करने का खुलासा किया गया है। गैस सब्सिडी छोड़ने वाली बात पर प्रधानमंत्री ने लोकसभा में कहा की “एक सामान्य व्यक्ति ने बातों-बातों में कह दिया था की जो अफोर्ड कर सकते है वो गैस सब्सिडी छोड़ दे।

आपको बता दे की इस योजना के तहत लोगो को प्रेरित करने के लिए ‘गिव इट अप’ अभियान भी शुरू किया गया था। लोकसभा में प्रधानमंत्री ने गैस सब्सिडी छोड़ने के लिए प्रेरित करने के लिए विज्ञापनो पर खर्च किए गए रुपये की बात को पूरी तरह नज़र अंदाज कर दिया। इस अभियान को प्रधानमंत्री ने लोकसभा में सिर्फ बातों-बातों कहे जाने वाला मामला बना दिया।

LEAVE A REPLY