केंद्रीय नरेंद्र मोदी सरकार पाकिस्तान को आतंकी देश घोषित करने वाले राज्य सभा बिल का विरोध करेगी।
द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बिल का विरोध करते हुए संसदीय सचिवालय को लिखा कि इससे अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए खतरा पैदा हो सकता है।

एक वरिष्ठ सरकारी अफसर ने कहा कि हमारे पड़ोसी देशों के साथ कूटनीतिक संबंध हैं, जिसमें व्यापार और उच्चायोग भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के तहत किसी भी पड़ोसी देश को आतंकी देश घोषित करना समझदारी नहीं होगी।

3 फ़रवरी को एनडीए राज्यसभा सांसद राजीव चंद्रशेखर ने पाकिस्तान को आतंकी राष्ट्र घोषित करने के लिए आतंकवाद प्रायोजक देश की घोषणा विधेयक, 2016 नामक एक प्राइवेट मेंबर बिल राज्यसभा में पेश किया था। चंद्रशेखर ने इसके साथ ही पाकिस्तान का मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा खत्म करने की भी मांग की थी। लेकिन अब नरेंद्र मोदी सरकार राजीव के इस बिल का विरोध करेगी।

आपको बता दें कि चंद्रशेखर ने राज्यसभा में उड़ी हमले का जिक्र करते कहा था कि 18 सितंबर 2016 में हुए आतंकी हमले में 19 जवान शहीद हो गए थे। यह भारत के खिलाफ पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का हिस्सा था।

राजिव ने कहा था की मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ कहता हूं कि पाकिस्तान पिछले कई सालों से जो हरकत कर रहा है उसके लिए उसे एक ‘आतंकवाद प्रयोजक’ देश कह सकते हैं।’

दशकों से भारत और इस क्षेत्र के अन्य देश पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों और आतंकियों के हमले का शिकार होता रहा है। उन्होंने कहा कि यह सच है कि पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है और इसीलिए इस विधेयक को यहां रखा गया है ताकि पाकिस्तान पर जिम्मेदारी तय की जा सके।

सालों से पाकिस्तान द्वारा संचालित आतंकवाद से भारत, अफगानिस्तान, बंग्लादेश और दुनिया के कई हिस्सों में निर्दोष लोगों की जान गई है।

आंकड़ों का ज़िक्र करते हुए राजिव ने कहा की 1998 से लेकर 29 जनवरी 2017 तक देश के 14,741 नागरिक आतंकवादी हमलों में मारे गए है तो 6,274 सुरक्षाकर्मी अपनी जान गवां चुके हैं। जबकि 23,146 आतंकवादी हमारे देश में हैं।

राजीव ने 13 दिसम्बर 2001 में संसद, भारत के लोकतंत्र के मंदिर पर हुए हमले का भी व्यख्यान दिया।

उन्होंने कहा की यह सच है कि पाकिस्तान आतंकवाद को स्टेट पॉलिसी के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है।

आपको बता दें कि अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के बढ़ते दबाव के कारण पाकिस्तान ने हाल ही में जमात-उद-दावा के सरगना और मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को 31 जनवरी को अपने देश में नजरबंद कर दिया है।

चंद्रशेखर ने कहा मुझे लगता है कि हमें पाकिस्तान पर दबाव बढ़ाने की जरूरत है ताकि उसे आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए रोक लगाया जा सके। पाकिस्तान अलग-अलग नामों से 1947, 1999 में भारत में आतंकी भेज हमपर हमले करता रहा है। उन्होंने कहा दुनिया में किसी भी देश या समूह को निर्दोष लोगों के खिलाफ आतंक फैलाने की छूट नहीं दी जा सकती है।

चन्द्रशेखर ने ये भी कहा की यह बिल भविष्य में दूसरे देश जो भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं उनपर भी लागू किया जा सकता है।

बिल पर चर्चा आरम्भ करते हुए कांग्रेस नेता भास्कर रापोलु ने कहा की भविष्य की सुविधाओं के लिए सरकार द्वारा लिया जाने वाला यह एक बेहतरीन सुझाव है।

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