नई दिल्ली: बीते साल 8 नवम्बर को भ्रष्टाचार और फेक करेंसी रोकने के लिए पीएम मोदी ने नोटबंदी का फैसला लिया था लेकिन फ़िलहाल इसका कोई असर अब तक नहीं दिखा है। इसके उलट आम आदमी पर इसका बेहद बुरा असर पड़ा है। सीमा पार नकली नोटों का व्यापार करने वालों के बजाय देश के भीतर के लोगों की कमर ज़रूर तोड़ दी है नोटबंदी ने।

वहीँ इस बीच ख़बर आ रही है कि बीते दिनों पकड़े गए आईएसआई के कथित जासूसों ने खुलासा किया है कि नोटबंदी के दौरान उन्होंने अपने करोड़ो अवैध रूपये को वैध करवाया।

गिरफ्तार किए गए अब्दुल जब्बार, बलराम और राजीव तिवारी उर्फ रज्जन ने बताया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई नेपाल और दुबई के रास्ते पैसा भारत और फिर मध्यप्रदेश तक पहुंचा रही थी।

सूत्रों के मुताबिक आईएसआई ने इन लोगों की मदद से 300 खातों में पैसा जमा कराया। पता चला है कि आईएसआई के ये एजेंट हर बैंक खाते में 50 हजार से कम पैसे जमा कराते थे, ताकि बैंक को पेन कार्ड नंबर न देना पड़े।

एटीएस का कहना है कि इस कड़ी में जांच करने पर बैंक अफसरों की भूमिका संदिग्ध पाई गई तो उन पर भी कार्रवाई होगी। फिलहाल एटीएस मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों में फैले आईएसआई एजेंटों को पकड़ने पर जोर दे रही है और उनका सारा ध्यान इस गिरोह की एक-एक कड़ी तक पहुंचने पर है।

LEAVE A REPLY