एक जवान की जीत हुई है। देर से सही, मगर जीत तो हुई है। ‘रोटी की जंग’ छेड़ने वाले तेज बहादुर यादव ने एक दावा किया था, जो सच साबित हुआ है। खुद बीएसएफ के डीजी ने जवान की बात को सही बताया है।

दरअसल, तेजबहादुर ने दावा किया था कि उसके पास करोड़ों के घोटाले के सबूत हैं। अगर उसे मीडिया के सामने अपनी बात रखने का मौका दिया जाए तो वह इनका खुलासा कर सकता है। इसे बाद पूरा मामला साफ हो जाएगा। बता दें कि बीएसएफ के डीजी केके शर्मा ने मान लिया है कि बीएसएफ जवानों के मेस फंड में गड़बड़ियां हो रही हैं। यह सब ठीक नहीं है और वे इस मामले की जांच कराएंगे, ताकि सच की तह तक पहुंचा जा सके।

दूसरी ओर, तेजबहादुर की पत्नी शर्मिला ने वीरवार को दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर करके उनके पति को सामने लाने की मांग की है, जिस पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। याचिका में कहा गया है कि उन्हें पता ही नहीं है कि तेज बहादुर कहां हैं? आखिरी बार सात फरवरी को बात हुई थी। हम उनके मोबाइल पर कॉल कर रहे हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा। कार्यालय के नंबर पर संपर्क किया तो किसी ने हमें नहीं बताया कि वह कहां हैं या तो कोई जवाब ही नहीं दे रहे हैं।

तेज बहादुर की पत्नी शर्मिला ने बताया कि उन्होंने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण की याचिका दायर की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि खाने का वीडियो वायरल होने के बाद से ही तेज बहादुर को वरिष्ठ अधिकारी प्रताड़ित कर रहे हैं और वह वर्तमान में लापता है।

बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव ने नौ जनवरी को फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट किया था। वीडियो में उसने जवानों को कथित तौर पर दिए जाने वाले खाने को दिखाया था। यादव ने दाल में केवल हल्दी और नमक होने का दावा किया था। उसने साथ ही कहा था कि उन्हें जली हुई रोटी दी जाती है।

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