यूपी में तीसरे चरण के मतदान के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फतेहपुर में एक रैली को संबोधित किया। उन्होंने यहाँ कहा कि धर्म के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए।

हिंदू-मुसलमान भेदभाव का राग अलापते हुए पीएम मोदी ने आगे कहा “अगर किसी गांव में कब्रिस्तान बनती है तो श्मशान भी बनना चाहिए। रमजान में बिजली आती है तो दिवाली में भी आनी चाहिए। होली पर बिजली मिलती है तो ईद पर भी मिलनी चाहिए।”

मोदी के इस बयान पर वरिष्ट पत्रकार अभिसार शर्मा ने ट्विटर पर नाराजगी जताते हुए लिखा कि जब देश के प्रधानमंत्री के भाषण का लेवल कब्रिस्तान और शमशान पे आ जाए तब समझ जाए कि संवाद किस कदर बिगड़ने वाला है।

उन्होंने आगे लिखा कि जो कब्रिस्तान और शमशान की बातें करते हैं, उनकी विरासत सिर्फ राख और ख़ाक हो सकती है!

बता दे कि, पीएम मोदी के हिंदू-मुसलमान भेदभाव के बयान की हरतरफ खूब आलोचना हो रही है। लोगों का कहना है कि एक प्रधानमंत्री को इस तरह की भाषा शोभा नहीं देती। वो 125 करोड़ हिन्दुस्तानियों के प्रधानमंत्री है ना कि सिर्फ एक विशेष समुदाय का।

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