नई दिल्ली: गाजियाबाद के इंदिरापुरम में हुए ऑडी कार हादसे में एबीपी न्यूज़ इश्हाक नाम के उस शख्स के पास पहुंच गया है, जिसका ड्राइविंग लाइसेंस कोर्ट में पेश किया गया. एबीपी न्यूज़ से बात करते हुए इश्हाक ने कई बड़े खुलासे किए हैं.

जब हादसा हुआ मैं अहमदाबाद में था: ड्राइवर

इश्हाक ने बताया कि कार हादसे की यह घटना 27 तारीख की है और इस वक्त वे अहमदाबाद में थे. लेकिन कोर्ट में इश्हाक का लाइसेंस कैसे पहुंचा, इस बात का जवाब देते हुए इश्हाक ने बताया कि उसने अपने ड्राइवरी लाइसेंस की कलर फोटोकॉपी उन्होंने सिम कार्ड के लिए दी थी. इस मामले में ऑडी कार के मालिक डॉक्टर रावत मनीष रावत पर शिकंजा कसा जा सकता है.

क्योंकि जिस ड्राइवर का लाइसेंस कोर्ट में पेश किया गया है, उस शख्स का कहना है कि मैं किसी रावत को नहीं जानता. ड्राइवर ने अपने खुलासे में कहा कि मेरे पास 31 जनवरी से फोन आने शुरु हुए और यह कार हादसा 27 तारीख को हुआ था, जिस वक्त वह अहमदाबाद में था.

वकील पर लाइसेंस के बदले पैसे देने का आरोप

इश्हाक ने बताया, ”जिस शख्स ने मेरी ड्राइवरी लाइसेंस कोर्ट में पेश किया, उस शख्स का नाम सैयद इम्तियाज कादरी है. इसी शख्स ने इश्हाक से सिम कार्ड के लिए ड्राइवरी लाइसेंस की फोटोकॉपी मांगी थी. यह लगभग दो महीने पहले की बात है.” इस पूरे मामले में इश्हाक ने सबसे बड़ा चौकाने वाला खुलासा किया. इश्हाक ने बताया, ”इम्तियाज नाम के जिस शख्स ने मेरी ड्राइवरी लाइसेंस कोर्ट में जमा किया की, उसे वकील ने 8000 रुपये देने का वादा किया था. जिसमें अब तक वह 2000 रुपये दे चुका है.”

गौरतलब है कि इस हादसे में एक महिला सहित चार लोगों की मौत हो गई थी.

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