आजमगढ़ : नेताजी सुभाष चंद्र बोस के ड्राइवर और नजदीकी रहे कर्नल निजामुद्दीन का सोमवार को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में मौत हो गयी थी । वो 117 साल के थे।

कर्नल को कल सोमवार दोपहर बाद सुपुर्दे ख़ाक कर दिया गया जिसमे उनके करीबी रिश्तेदार और उनके पैतृक गाँव मुबराक्बुर के लोग शामिल थे लेकिन बड़ी अजीब बात थी कि उनके अंतिम संस्कार में ना कोई नेता आया और ना ही प्रशासन की तरफ से कोई अधिकारी शामिल हुआ| राजनेताओ और प्रशासन के इस तरह उदासीन रवैय्या कर्नल निजामुद्दीन जैसे क्रांतिकारियों के लिए झटका है ।

निजामुद्दीन को सरकार नही मानती है फ्रीडम फाइटर

निजामुद्दीन उर्फ सैफुद्दीन की पत्‍नी अजबुनिशा भी 107 साल की हैं। निजामुद्दीन लंबे समय से बीमार चल रहे थे। कर्नल निजामुद्दीन नेताजी द्वारा बनाए गए इंडियन नेशनल आर्मी के सदस्य थे। साल 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान नरेंद्र मोदी ने बनारस में कर्नल निजामुद्दीन का पैर छूकर आशीर्वाद लिया था।

निजामुद्दीन के परिवार में पत्नी अजबुनिशा के अलावा तीन बेटे हैं। गांव में वो अपनी पत्नी और छोटे बेटे शेख अकरम के साथ रहते थे। उनका एक बेटा सऊदी अरब में और दूसरा मुंबई में रहता है। उनकी दो बेटियां भी हैं जिनका शादी हो चुकी है और अपने परिवार के साथ रहती हैं। निजामुद्दीन के छोटे बेटे ने अपने पिता को स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा दिलाने की बहुत कोशिश की मगर उसे सफलता हाथ नहीं लगी।

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