नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल है. इस तस्वीर में करगिल शहीद की बेटी के हाथ में एक पर्चा है. इस पर्चे पर लिखा है पाकिस्तान ने मेरे पिता को नहीं मारा उन्हें युद्ध ने मारा है. इस तस्वीर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर मौजूद दो विचारधाराएं आमने सामने आ गईं.

एक तरफ करगिल युद्ध में शहीद की बेटी है जो कहती है कि उसके पिता को पाकिस्तान ने नहीं बल्कि युद्ध ने मारा है और दूसरी ओर हैं देशभक्ति का झंडा बुलंद किए वो राष्ट्रभक्त जो शहीद की बेटी को देशद्रोही और गद्दार बता रहे हैं.

सोशल मीडिया के लिए गुरमेहर कौर अब अनजाना नाम नहीं हैं. गुरमेहर अपने माता और शहीद पिता के लिए गुरु का आशीर्वाद है. गुरमेहर दिल्ली विश्वविद्यालय के सबसे प्रतिष्ठित लेडी श्रीराम कॉलेज में पढ़ती है.

करगिल युद्ध में शहीद की बेटी का ये कहना कि उसके पिता को पाकिस्तान ने नहीं युद्ध ने मारा है. देश के एक धड़े को बर्दाश्त नहीं हो रहा है. वो उसे देशद्रोही कह रहे हैं गद्दार कह रहे हैं और शहीद की बेटी उन्हें जवाब दे रही है. गुरमेहर कौर ने कहा, “‘मैं किसी से नहीं डरती. मेरे पिता ने देश के लिए गोली खाई थी मैं भी देश के लिए गोली खा सकती हूं.”

जिस बेटी को देश के लिए उसके पिता बेहद कम उम्र में राष्ट्र के लिए छोड़ गए उसे गंदी गंदी गालियां दी जा रही हैं. उसके गैंगरेप में धमकी दी जा रही है..

दरअसल ये सबकुछ पांच दिन पहले 21 फरवरी को शुरू हुआ था जब दिल्ली यूनिवर्सिटी के रामजस कॉलेज में एक सेमिनार था. सेमिनार में जेएनयू राष्ट्रद्रोह मामले आरोपी उमर खालिद और उनकी समर्थक सेहला रशीद को आमंत्रित किया गया था जिसका एबीवीपी ने विरोध किया तो दोनों का नाम कॉलेज प्रबंधन ने कार्यक्रम से हटा दिया गया.

कॉलेज के इस फैसले के खिलाफ वामपंथी छात्रों ने मार्च निकाला. मार्च निकालने वाले छात्रों का आरोप है कि इस दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने उन पर पत्थर फेंके और मारपीट की. यहीं से इस पूरी कहानी मे गुरमहर कौर की एंट्री होती है. दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज से इंग्लिश ऑनर्स कर रही 20 साल गुरमेहर कौर ने छात्रों के लिए आवाज उठाई जिनके साथ मारपीट हुई थी. एबीवीपी के खिलाफ विरोध की तख्ती उठायी और फेसबुक पर गुरुमेहर ने स्टेटस अपडेट किया.

गुरमेहर ने फेसबुक पर लिखा, “‘मैं दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा हूं मैं एबीवीपी से नहीं डरती मैं अकेली नहीं हूं. भारत का हर छात्र मेरे साथ है.” इस तस्वीर के साथ गुरमेहर ने मैसेज दिया कि जो लोग भी उसकी इस मुहिम में साथ हैं वो ऐसी तख्ती लेकर #स्टूडेंट्सअंगेस्टएबीवीपी के साथ अपना विरोध जताएं. देखते ही देखते गुरुमेहर के वीडियो ने जोर पकड़ लिया. देश भर में ऐसी तख्तियों के साथ एबीवीपी के खिलाफ फोटो अपडेट होने लगे.तभी ये खुलासा हुआ कि गुरुमेहर के पिता करगिल के शहीद हैं.

इसके बाद गुरमेहर को धमकियां मिलने लगी. फेसबुक पर ही लोगों ने गुरमेहर को गैंगरेप तक की धमकी दे डाली. करगिल शहीद की बेटी होने की बात सामने आने पर भी धमकियां नहीं रुकीं.

एक छोटे से विरोध प्रदर्शन से शुरू हुआ मामला बहुत गंभीर हो गया. गुरमेहर पर निशाना साधने के लिए उनका एक पुराना वीडियो सामने लाया गया जो उन्होंने पिछले साल अप्रैल महीने में यूट्यूब पर पोस्ट किया था. उस वीडियो में गुरमेहर भारत पाकिस्तान के बीच शांति की अपील की थी.

वीडियो में गुरमेहर के हाथ में बारी बारी से कुछ तख्तियां आतीं है. इन पर लिखा है, ”जब मैं दो साल की थी तो मेरे पिता शहीद हो गए
उनकी बहुत कम यादें हैं मेरे पास लेकिन मुझे ये याद है कि एक पिता के ना होने का अहसास क्या होता है. मुझे ये भी याद है कि मैं पाकिस्तान और पाकिस्तानियों से कितनी नफरत करती थी क्योंकि मुझे लगता था कि पाकिस्तान ने मेरे पिता को मारा है? जब मैं 6 साल की थी तो मैंने बुरका पहने एक औरत को मारने की कोशिश की थी लेकिन फिर मेरी मां ने मुझे संभाला मुझे समझाया कि पाकिस्तान ने मेरे पिता को नहीं मारा उन्हें युद्ध ने मारा है, अगर युद्ध ना होता तो मेरे पिता साथ होते.”

गुरमेहर की मां ने उन्हें जो समझाया उसे अब राष्ट्रद्रोह के तौर पर पेश किया जा रहा है. देश के मशहूर क्रिकेटर रहे वीरेंद्र सहवाग ने गुरमेहर पर तंस कसते हुए लिखा है, ”मैंने दो तिहरे शतक नहीं लगाए हैं.. मेरे बल्ले ने लगाए हैं.” ठीक इसी तरह मैसूर में बीजेपी सांसद ने गुरमहर की तुलना दाऊद से कर डाली. एक तस्वीर पोस्ट करते हुए वो कह रहे हैं कि कम से कम दाऊद ने अपने देशद्रोह को छिपाने के लिए अपने पिता का नाम इस्तेमाल नहीं किया था.

गुरमहर के पिता कैप्टन मनदीप सिंह राष्ट्रीय राइफल्स में थे. कारगिल की लड़ाई के दौरान कैप्टन मनदीप भी जम्मू-कश्मीर में ही तैनात थे. कारगिल से अलग कैप्टन मनदीप आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए थे और उन्हें युद्धकालीन कोई बहादुरी पुरस्कार नहीं मिला था.

आज मनदीप को ही कुछ कथित महान देशभक्त देशभक्ति सिखा रहे हैं? गुरमेहर ने उन पर निशाना साधने वालों को भी जवाब दिया है. गुरमेहर ने कहा कि कई फेमस लोग मेरे राष्ट्रवाद पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें देशभक्ति समझ नही आती.

वीरेंद्र सहवाग, शेखर गुप्ता, रणदीप हुड्डा जैसे लोग इस बहस का हिस्सा बन चुके हैं और अब खुद को देशभक्त बताने वाली विचारधारा अपने लिए ऐसे वीडियो पेश कर रही है. ये दिसंबर में राजकोट में हुए एक कार्यक्रम का वीडियो है जो हर साल होता है.

हो सकता है कि बहस कुछ दिनों में खत्म हो जाए लेकिन इस बात का जवाब कौन देगा कि गुरमेहर ने आखिर ऐसा क्या कहा था कि उसको सोशल मीडिया पर बलात्कार की धमकी दी गई? उसने भारत-पाकिस्तान के बीच शांति की अपील करके ऐसा कौन सा गुनाह किया था कि उस देशद्रोही और गद्दार का तमगा चिपकाने की कोशिश की गई?

सबसे बड़ा सवाल ये कि अगर वो अपने पिता की मौत भुलाकर अपने जिंदगी का सबसे बड़ा दर्द भुलाकर दो देशों के बीच अमन और शांति की अपील कर सकती है तो देश का झंडा उठाए ये कौन लोग हैं जो बिना मांगे देशभक्ति का सर्टिफिकेट बांटते फिरते हैं?

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