नई दिल्ली: कैंसर, एड्स, इंफेक्शन जैसी बीमारियों की दवाइयों के दाम अब कंपनियां मनमाने तरीके से बढ़ा नहीं पाएंगी. केंद्र सरकार ने 11 आवश्यक दवाओं के दाम तय कर दिए हैं और 22 दूसरी दवाओं की कीमत में संशोधन किया है. इसमें कैंसर, एड्स, बैक्टीरिया संक्रमण इत्यादि की दवाएं शामिल हैं. इन दवाओं की कीमतों के तय होने से अलग-अलग कंपनियों की दवाओं के दामों में होने वाले अंतर को कम करने में मदद मिलेगी.

राष्ट्रीय दवा मूल्य निर्धारण प्राधिकरण-नेशनल फार्मास्यूटिकल्स प्राइसिंग पॉलिसी अथॉरिटी (एनपीपीए) ने बयान में बताया कि उसने दवा मूल्य निर्धारण संशोधन आदेश-2017 की पहले नोटिफिकेशन में बताई गई 33 दवा फार्मूलेशन के दाम तय या संशोधित किए हैं. इस संबंध में नोटिफिकेशन 24 जनवरी को जारी किए गए हैं.

इसमें 11 आवश्यक दवाओं के दाम तय किए गए हैं जबकि 22 के दामों में संशोधन किया गया है. एनपीपीए शिड्यूल-1 की दवाइयों की कीमत खुद तय करती है. इस सूची से बाहर की दवाइयों की कीमत दवा निर्माताओं को तय करने का अधिकार है लेकिन वे इसमें भी 10 फीसदी सालाना से ज्यादा बढ़ोतरी नहीं कर सकते हैं.

इस तरह इन बड़ी बीमारियों की दवाओं के तय करने से सरकार के तय दायरे के अंदर ही कीमतें होंगी जिससे लोगों को सही कीमत में ये जरूरी दवाएं मिल पाएंगी.

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