अपने रूख से हटने से इनकार करते हुए कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एस एम कृष्णा ने आज कहा कि कांग्रेस छोड़ देना एक अब एक बंद अध्याय है। ऐसे में उन्हें पार्टी में वापस लाने की वरिष्ठ पार्टी नेताओं की कोशिश व्यर्थ रही।

कांग्रेस को अचंभे में डाल देने वाली इस घटना को भुनाने की कोशिश करते हुए भाजपा भी उनसे संपर्क करने के प्रयास में लगी है । उसका कहना है कि यदि वह भगवा दल से जुड़ने का फैसला करते हैं तो इससे पार्टी लाभान्वित होगी।

यहां जब कृष्णा से उन्हें अपने फैसले को पलटने के लिए कांग्रेस आलाकमान द्वारा राजी करने की कोशिश के बारे में पूछा गया तो उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि यह बंद अध्याय है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ बातचीत के न्यौते के संबंध में उनके राजनीतिक सचिव अहमद पटेल के साथ टेलीफोन पर हुई कथित बातचीत के बारे में पूछे जाने पर कृष्णा ने कहा कि मैं कभी भी सोनिया गांधी से बातचीत कर सकता हूं। उनके साथ मेरा सौहाद्र्रपूर्ण संबंध जारी रहेगा। पार्टी से निकलने के अगले दिन कल कांग्रेस नेतृत्व पर प्रहार करते हुए कृष्णा ने कहा था कि उसे व्यापक जनाधार वाले नेताओं की जरूरत नहीं है, उसे बस प्रबंधक चाहिए। उन्होंने अपनी उम्र के चलते दरकिनार किये जाने की शिकायत की।

उन्होंने कहा था कि दुख और पीड़ा के साथ मैंने कांग्रेस छोड़ने का फैसला किया है। मेरे लिए आत्मसम्मान महत्वपूर्ण है।

LEAVE A REPLY