नई दिल्ली: नीतीश और केजरीवाल की दोस्ती पर सियासी बादल मंडराने लगे हैं. नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने इस साल अप्रैल में होने वाले दिल्ली नगर निगम के चुनाव में उतरने का ऐलान कर दिया है. इतना ही नहीं, इन चुनावों में ख़ुद नीतीश कुमार भी चुनाव प्रचार में उतरेंगे. पार्टी के प्रधान महासचिव और राष्ट्रीय प्रवक्ता के सी त्यागी ने इस बात की पुष्टि भी कर दी है. इसी के बाद से केजरीवाल औऱ नीतीश कुमार की दोस्ती टूटने की आंशंका जताई जा रही है.

सूत्रों के मुताबिक़ जेडीयु निगर निगम की सभी 272 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी. इनमें उत्तर और दक्षिणी नगर निगम में 104 – 104 सीटें हैं जबकि पूर्वी नगर निगम में 64 सीटें हैं. इनमें से कई सीटें या वॉर्ड ऐसी हैं जहां बिहार और पूर्वांचल वोटरों की अच्छी ख़ासी तादाद है. जेडीयू न्हीं सीटों पर फोकस करेगी.

पार्टी की योजना है कि नीतीश कुमार से ऐसी ही सीटों पर प्रचार करवाय़ा जाए ताक़ि इन वोटरों को अपनी तरफ़ ख़ींचा जा सके. हालांकि के सी त्यागी का कहना है कि नीतीश किन किन इलाक़ों में प्रचार करेंगे ये बाद में तय किया जाएगा लेकिन समझा जा रहा है कि नीतीश ज़्यादातर बाहरी दिल्ली के उन इलाक़ों में प्रचार करेंगे जहां बिहार के लोगों की संख्या अधिक है.

नगर निगम चुनाव लड़ने के पीछे पार्टी की मंशा बिहार के अलावा झारखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में अपना विस्तार भी है. पिछले महीने हुई पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भी इस पर चर्चा की गई थी.

दिल्ली में पार्टी बिहार और पूर्वांचल के लोगों की समस्याओं को अपना प्रमुख मुद्दा बनाएगी. पार्टी का मानना है कि पिछले विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी के तक़रीबन एक दर्जन प्रत्याशी पूर्वांचल के थे और उन चुनावों में पार्टी की ऐतिहासिक सफ़लता के पीछे ये एक बड़ा कारण था. लेकिन सत्ता में आने के बाद बिहारियों की समस्याएं ज्यों की त्यों बनी हुई हैं. जेडीयू के मुताबिक़ अनाधिकृत कॉलोनियों की हालत आज भी वैसी ही बनी हुई है जैसी पहले थी.

बिहार में शराबबंदी की सफ़लता को भी पार्टी बड़ा मुद्दा बनाना चाहती है. नीतीश कुमार बिहार में लागू शराबबंदी को देशभर में लागू करने की मांग करते रहे हैं. अरविंद केजरीवाल के पुराने सहयोगी रहे योगेंद्र यादव पहले से ही केजरीवाल पर दिल्ली में बड़ी संख्या में शराब की दुकान खोलने का आरोप लगा रहे हैं. एबीपी न्यूज़ को मिली जानकारी के मुताबिक़ पार्टी ने प्राथमिक तौर पर इस मुद्दे के लिए एक नारा भी बनाया है ‘ दिल्ली में सांसी और सट्टा बंद करो ‘. दिल्ली में शराब को सांसी भी कहा जाता है.

नीतीश कुमार और अरविंद केजरीवाल के बीच पिछले दो सालों में नज़दीकियां बढ़ी हैं. 2015 के अंत में बिहार चुनाव में मिली शानदार सफलता के बाद जब नीतीश कुमार ने शपथ लिया था तब केजरीवाल भी नीतीश के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे. नीतीश भी जब जब दिल्ली आते हैं तो केजरीवाल से मिलते रहे हैं.

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