लखनऊ: मुलायम सिंह की छोटी बहू अपर्णा यादव के बाद अब उनके भतीजे अनुराग यादव भी चुनावी पारी शुरू करने जा रहे हैं. मंगलवार को लखनऊ की सरोजनी नगर सीट से उन्‍होंने अपना नामांकन दाखिल किया. अनुराग, मुलायम के खानदान के 22वें सदस्‍य हैं जो राजनीति में आ रहे हैं. पिछली बार इस सीट से सपा नेता शारदा प्रताप शुक्‍ला जीते थे. अबकी बार उनका टिकट काटकर अनुराग को दिया गया है. शुक्‍ला फिलहाल अखिलेश मंत्रिमंडल के सदस्‍य हैं और नाराजगी में उन्‍होंने रालोद का दामन थामा है और इसी सीट से सोमवार को नामांकन भरा है. अनुराग सिंह का कहना है कि अखिलेश यादव का विकास उन्‍हें जीत दिलाएगा. उन्‍होंने कहा कि पिछले पांच साल में माननीय मुख्‍यमंत्री जी ने जो विकास किया है, उसी के दम पर सपा फिर से सत्‍ता में वापस आएगी.

शारदा प्रसाद शुक्‍ल अखिलेश सरकार में उच्‍च शिक्षा विभाग के राज्‍यमंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) हैं. टिकट कटने पर नाराजगी में उन्‍होंने सोमवार को बिना सपा छोड़े ही राष्‍ट्रीय लोकदल (रालोद) के टिकट पर लखनऊ की सरोजनी नगर सीट से पर्चा भर दिया. पिछली बार शारदा प्रताप शुक्‍ला इसी सीट से जीते थे. हालांकि इस सीट से खुद अखिलेश यादव के चुनाव लड़ने की चर्चा चली थी.
उधर बीजेपी ने प्रदेश महिला विंग की अध्‍यक्ष स्‍वाति सिंह को इस सीट से अपना उम्‍मीदवार बनाया है. आपको याद होगा कि कुछ समय पहले यूपी में बीजेपी के नेता दयाशंकर सिंह अचानक सुर्खियों में आ गए थे. दरअसल बीएसपी सुप्रीमो मायावती के खिलाफ अमर्यादित, अभद्र टिप्‍पणी के चलते वह राष्‍ट्रीय मीडिया की सुर्खियां बने. बीजेपी ने उसकी सख्‍त सजा भी दी और दयाशंकर को पार्टी से बाहर कर दिया गया. बसपा ने भी लखनऊ में उनके खिलाफ जबर्दस्‍त मोर्चा खोला और उनकी पत्‍नी एवं बेटी के खिलाफ टिप्‍पणियां भी कीं. दयाशंकर सिंह की पत्‍नी स्‍वाति सिंह उनसे विचलित हो गईं और परिवार की रक्षा के लिए मैदान में उतरते हुए उन्‍होंने बसपा को जवाब दिया. इसका नतीजा यह हुआ कि बसपा रक्षात्‍मक मुद्रा में आ गई और स्‍वाति सिंह अचानक नेता बन गईं. बसपा के शिव शंकर सिंह भी इस सीट से चुनाव मैदान में हैं.

उधर लखनऊ कैंट सीट से इस बार मुलायम की छोटी बहू अपर्णा यादव भी चुनावी आगाज कर रही हैं. कैंट सीट पिछली बार कांग्रेस की तरफ से रीता बहुगुणा जोशी ने जीती थी. इस बार वह बीजेपी के टिकट से चुनाव मैदान में हैं.

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